
इंदापुर में स्थापित होगा नया मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय — उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निर्देश
मुंबई सोहन सिंह: पुणे जिले के इंदापुर में नया मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय (Fisheries Science College) स्थापित करने के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ऐसे निर्देश उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने दिए।
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित समिति कक्ष में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, क्रीड़ा व युवक कल्याण मंत्री माणिकराव कोकाटे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता, कृषि विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, पशुसंवर्धन व मत्स्य व्यवसाय विभाग के सचिव डॉ. रामास्वामी एन., मत्स्य व्यवसाय आयुक्त किशोर तावडे, तथा डॉ. बाळासाहेब सावंत कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरू शंकरराव मगर उपस्थित थे।
वहीं, पुणे विभागीय अतिरिक्त आयुक्त डॉ. स्वाती देशमुख, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी, और महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरू नितीन पाटील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि “विकसित महाराष्ट्र 2047” विज़न डॉक्यूमेंट में मत्स्य व्यवसाय विकास को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि उजनी बांध, जो इंदापुर से लगभग छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, उसकी जल भंडारण क्षमता लगभग 117 टीएमसी है और यह जलाशय लगभग 70-80 किलोमीटर तक फैला है। इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गोड्या पानी की मछलियाँ पाई जाती हैं, जिनका निर्यात संभावित है।
उन्होंने कहा कि यदि यहां मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय स्थापित किया जाता है तो यह पूरे महाराष्ट्र के लिए मत्स्य बीज उत्पादन और आपूर्ति केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
साथ ही, इंदापुर, बारामती, दौंड और पुरंदर क्षेत्रों में बड़ी संख्या में शेततलाव (फार्म तालाब) हैं, जिनका उपयोग किसानों को मत्स्य पालन के लिए किया जा सकेगा।



