
कानपुर में डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला निलंबित आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस जांच
विशाल समाचार संवाददाता
कानपुर उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की छवि धूमल करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप के चलते वर्तमान में मैनपुरी के भोगांव सर्कल में तैनात पुलिस उपाधीक्षक डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है गृह विभाग के सचिव इस जगदीश उन्हेंनो निलंबित करते हुए विजिलेंस को जांच के आदेश भी जारी किए हैं सूत्रों के मुताबिक डीएसपी शुक्ला ने कानपुर में लगभग 10 साल की सर्विस के दौरान 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी जांच में सामने आया कि ऋषिकांत शुक्ला ने कानपुर में अपने पड़ोसी साथी देवेंद्र दुबे के नाम पर 12 बीघा जमीन और आर्य नगर में 11 दुकान खरीदी थी यह खुलासा कानपुर पुलिस की एक एसआईटी जांच में हुआ है रिपोर्ट में दावा किया गया की है सारी संपत्ति अखिलेश दुबे से दोस्ती करके अवैध धन से कमाई गई थी एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ही शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया हालांकि निलंबित सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने अपने खिलाफ लगे इन सभी आरोपी को बेबुनियाद बताया है ऋषिकांत शुक्ला ने पुलिस विभाग में पुलिस उप निरीक्षक के पद पर भर्ती होकर C O पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नौति पाई थी वह कानपुर में 1998 से 2006 तक उपरीक्षक और दिसंबर 2006 से 2009 तक निरीक्षक के रूप में 11 साल तक तैनात रहे पुलिस उपाधीक्षक पदों पर प्रोन्नति के बाद भी उन्हें उन्नाव जिले में तैनाती मिली थी डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला का नाम कब चर्चा में आया जब कानपुर में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिलेश कुमार के निर्देश पर भाजपा नेता सतीश सतीजा को रेप के झूठे कैसे में फंसने के मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जेल भेजा गया था इस मामले में गठित एसआईटी की जांच में दावा किया गया था कि अखिलेश दुबे के ग्रुप में पुलिसकर्मी पत्रकार और वकील भी शामिल हैं सीओ ऋषिकांत शुक्ला का नाम गिरोह के साथ जुड़ने के बाद 3 नवंबर को सचिव जगदीश ने प्रमुख सचिव विजिलेंस विभाग को पत्र लिखकर बिजनेस जांच शुरू कर सख्त कार्रवाई करने को कहा है।



