
द्वितीय अंतरराष्ट्रीय खरीदार–विक्रेता परिषद पुणे में उत्साहपूर्वक संपन्न
महाराष्ट्र के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनी परिषद
पुणे,:महाराष्ट्र लघु उद्योग विकास महामंडळ एवं इंडिया एसएमई फोरम (सूक्ष्म उद्योग मंच) के संयुक्त तत्वावधान में तथा केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय की “रॅम्प” (सूक्ष्म उद्योग कार्यक्षमता वृद्धि व गती योजना) पहल के अंतर्गत राज्य की द्वितीय अंतरराष्ट्रीय खरीदार–विक्रेता परिषद का आयोजन बड़े उत्साह से किया गया।
यह परिषद पुणे के विमाननगर स्थित फोर पॉइंट्स बाय शेरेटन होटल में 6 और 7 नवम्बर 2025 को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुई। उद्घाटन सत्र में महाराष्ट्र लघु उद्योग विकास महामंडळ के व्यवस्थापकीय संचालक श्री विकास पानसरे (भा.प्र.से.), इंडिया सूक्ष्म उद्योग मंच के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार, महामंडळ की सहव्यवस्थापकीय संचालिका श्रीमती प्रशाली दिघावकर तथा मंच की महासंचालिका श्रीमती सुषमा मोरथानिया उपस्थित थीं।
इस परिषद में 16 देशों के 41 विदेशी खरीदार तथा महाराष्ट्र के 300 से अधिक सूक्ष्म और लघु उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। परिषद के दौरान 500 से अधिक व्यावसायिक बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें औद्योगिक सहयोग, निर्यात वृद्धि, उत्पाद गुणवत्ता, तकनीकी आदान–प्रदान और नई व्यावसायिक संभावनाओं पर विस्तृत विचार–विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 32 समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे महाराष्ट्र के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
परिषद में निर्यात विषयक मार्गदर्शन सत्रों का भी आयोजन किया गया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय व्यापार अवसर, निर्यात प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियाँ, गुणवत्ता के वैश्विक मानक, व्यापार प्रोत्साहन नीतियाँ और तकनीकी सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
समापन सत्र में भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के रॅम्प विभाग के उपसंचालक श्री नरेंद्र जीना प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सहभागी उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सूक्ष्म उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए नवाचार, गुणवत्ता और पारदर्शिता — इन तीनों मूल्यों को अपनाना आवश्यक है।”
इस द्वितीय अंतरराष्ट्रीय खरीदार–विक्रेता परिषद के सफल आयोजन के माध्यम से महाराष्ट्र के उद्योग क्षेत्र ने वैश्विक बाजार की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाते हुए राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई गति प्रदान की है।



