
पुणे जिले में मानव–तेंदुआ संघर्ष नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न
पुणे, (विशाल समाचार ): पुणे जिले में मानव–तेंदुआ संघर्ष दिन-प्रतिदिन तीव्र होता जा रहा है। इस समस्या पर स्थायी समाधान हेतु आज जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय में विस्तृत बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में उपवन संरक्षक प्रशांत खाडे (जुन्नर विभाग), महादेव मोहिते (पुणे विभाग), प्रादेशिक व वन्यजीव विभाग के सहायक वनसंरक्षक, वनपरिक्षेत्र अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जिले के तेंदुआ-प्रवण क्षेत्रों की घटनाओं की समीक्षा की गई। शिरूर और आंबेगांव तालुका में 12 अक्तूबर 2025 से अब तक कुल 17 तेंदुए पकड़े गए हैं, जिन्हें जुन्नर स्थित “माणिकडोह तेंदुआ निवारण केंद्र” में रखा गया है। तेंदुआ हमलों की पृष्ठभूमि पर जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत है। इस नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री क्रमांक 1800-3033 है।
अत्यंत संवेदनशील गांवों में एआई प्रणाली, सोलर नाइट सर्विलांस ड्रोन, कैमरा ट्रैप्स तथा साउंड अलर्ट सिस्टम जैसी यंत्रणाएं कार्यान्वित की गई हैं। वर्तमान में जुन्नर वन विभाग के पास 262 पिंजरे उपलब्ध हैं, और शेष पिंजरों के निर्माण का कार्य जारी है। साथ ही अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने निर्देश दिए कि बाहरी जिलों अथवा राज्यों से कम समय में 700 पिंजरे उपलब्ध करा सकने वाले आपूर्तिकर्ता, एजेंसियां या कंपनियों से खरीद की जाए। संभावित तेंदुआ-प्रवण घोषित गांवों में आवश्यकतानुसार पिंजरे तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
ग्राम स्तर पर ग्रामसभा आयोजित कर नागरिकों को चल रही उपाय योजनाओं, घटनाओं तथा प्रशासनिक कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही ग्राम स्तर पर सह-नियंत्रण समिति गठित की जाए, जिसमें अनुभवी व्यक्ति, वन आपदा मित्र, स्वयंसेवी संस्थाएं व स्वयंसेवक शामिल हों।
इस समिति के माध्यम से ड्रोन सर्वे कर गांव में दिखाई देने वाले तेंदुओं की संख्या दर्ज की जाए, गश्त बढ़ाई जाए, नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, तथा तेंदुआ हमलों के संदर्भ में मानक कार्यप्रणाली (SOP) तय की जाए। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक स्तर पर ‘टाइगर सेल’ की बैठक लेकर समन्वय बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।
वर्तमान में माणिकडोह तेंदुआ निवारण केंद्र में 50 तेंदुओं को रखने की क्षमता है, किंतु वर्तमान में वहां 67 तेंदुए रखे गए हैं। जिले में तेंदुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए, जुन्नर वन विभाग में 1000 तेंदुओं तथा पुणे वन विभाग में 500 तेंदुओं को समायोजित करने योग्य नए तेंदुआ निवारण केंद्र स्थापित करने की कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने संबंधित विभागों को दिए।



