
जिल्हा परिषद पुणे द्वारा आयोजित दो दिवसीय बालसाहित्य महोत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न; 30 स्कूलों के 600 विद्यार्थी ग्रंथ-दिंडी में शामिल –
पुणे, विशाल समाचार)।
जिल्हा परिषद, पुणे तथा अमरेंद्र भास्कर मराठी बालकुमार साहित्य संस्था, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिवसीय बालसाहित्य महोत्सव – 2025 का आयोजन 13 और 14 नवंबर को बालगंधर्व रंगमंदिर में बड़े उत्साह और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। जिल्हा परिषद स्कूलों के छात्रों के लिए पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजित यह साहित्यिक महोत्सव ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।
महोत्सव की शुरुआत 30 स्कूलों के 600 छात्रों की विशाल ग्रंथ-दिंडी से हुई। ज्ञानेश्वरी की विविध चरित्रों की वेशभूषा में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लेझीम, ढोल-ताशा और सांस्कृतिक झांकियों ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीपाल सबनीस ने की। जिल्हाधिकारी जितेंद्र डुडी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील और संस्था अध्यक्ष राजन लाहे सहित कई मान्यवर उपस्थित रहे।
पहले दिन “विद्यार्थी व शिक्षक में सकारात्मक वाचन पर्यावरण” विषय पर आयोजित परिसंवाद में चारुहास पंडित और संगीता बर्बे ने मार्गदर्शन किया।
इसके साथ ही 30 बाललेखकों का पद्मश्री माधुरी पुरंदरे के साथ प्रेरणादायी संवाद हुआ। बालकवि सम्मेलन में 15 बालकवियों ने अपनी स्वयं-रचित कविताएँ प्रस्तुत कीं।
दूसरे दिन आयोजित कथा-कथन और वक्तृत्व सत्र में 15 विद्यार्थियों ने प्रभावी प्रस्तुति दी। रवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से ‘टोटोचन’ नाट्यप्रयोग प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त पुलिस महासंचालक विश्वास नांगरे पाटील के साथ छात्रों का प्रेरणादायी संवाद विशेष आकर्षण रहा।
“लेखक आपके बीच” सत्र में बालभारती के प्रसिद्ध लेखक — एकनाथ आव्हाड, विलास सिंदगीकर, सुनंदा भावसार एवं मृणालिनी कानिटकर ने कहानी-निर्माण, चित्रांकन और लेखन प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
इस वर्ष पहली बार आयोजित शिक्षक साहित्य सम्मेलन में शिक्षकों ने कविता, कथा-कथन और एकपात्री अभिनय के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. एन. एम. जोशी, लक्ष्मीकांत देशमुख तथा अतिरिक्त जिल्हाधिकारी संतोष राऊत उपस्थित रहे।
कुल 8 समूहों के 24 विद्यार्थियों एवं 2 समूहों के 6 शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने हर विद्यार्थी को सृजनात्मक और समावेशी शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
दो दिवसीय यह बालसाहित्य महोत्सव विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, कला, साहित्य, व्यक्तित्व विकास और प्रेरणा का जीवंत उत्सव बनकर उभरा।
बालगंधर्व रंगमंदिर के कला-दालन में जिल्हा परिषद स्कूलों के 1,000 से अधिक छात्रों की बनाई साहित्यिक कृतियों का भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।
LFE, रूम टू रीड, OLF, FLOA, थिंकशार्प फाउंडेशन और प्रथम बुक्स जैसी संस्थाओं ने साक्षरता अभियानों के तहत जिल्हा परिषद स्कूलों की विभिन्न सफलता गाथाएँ प्रस्तुत कीं।
मेहता पब्लिशिंग हाउस, ज्योत्स्ना प्रकाशन, साधना प्रकाशन, बालभारती प्रकाशन, न्यानगंगा प्रकाशन एवं ज्ञानप्रबोधिनी प्रकाशन जैसी प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थाओं ने भी महोत्सव में भाग लेकर बच्चों के साहित्य का समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया।


