सीतामढ़ी

सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में बैंक पूरी प्रतिबद्धता दिखाएं — जिलाधिकारी

सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में बैंक पूरी प्रतिबद्धता दिखाएं — जिलाधिकारी

लघु उद्योग एवं उद्योग-धंधों के विस्तार पर जोर, बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश

विशाल समाचार संवाददाता 

समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में आयोजित जिला परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि जिले में उद्योग, लघु उद्योग, सेवा-आधारित उद्यम और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके मद्देनज़र सभी बैंक अपनी भूमिका को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

सीडी रेशियो में गिरावट पर कड़ी नाराजगी

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में क्रेडिट–डेपॉजिट अनुपात (सीडी रेशियो) में जून की तुलना में सितंबर में गिरावट चिंताजनक है।

 

जून में सीडी रेशियो 61.15% था,

 

जबकि सितंबर में घटकर 57.97% हो गया।

 

 

विशेष रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (42.19%) और बैंक ऑफ बड़ौदा (46.84%) के प्रदर्शन पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उद्योग और रोजगार सृजन तभी गति पकड़ेंगे, जब बैंक ऋण प्रवाह को बढ़ाएं। उन्होंने सभी बैंकों को सीडी रेशियो में ठोस सुधार लाने का निर्देश दिया।

 

(लघु उद्योग एवं स्व-रोजगार योजनाओं पर विशेष जोर)

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का फोकस उद्योग एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

इस क्रम में उन्होंने बैंकों को निम्न निर्देश दिए—

१—पीएमएफएमई, पीएमईजीपी और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं के आवेदनों का शीघ्र निष्पादन

लंबित पीएमएफएमई आवेदन तुरंत निपटाए जाएं।

पीएमईजीपी के तहत जिला उद्योग केंद्र द्वारा भेजे गए आवेदनों को प्राथमिकता दी जाए ताकि युवाओं को स्वरोजगार मिल सके।

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक उद्यमी जोड़ने और स्व–रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

2. जिले में लघु उद्योगों का विस्तार बैंकिंग सहायता पर निर्भर – डीएम

जिलाधिकारी ने कहा कि सीतामढ़ी में खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, फिशरी, हस्तशिल्प और पारंपरिक कुटीर उद्योगों के लिए अपार संभावनाएँ हैं। बैंक यदि समुचित वित्तीय सहायता दें, तो जिले में छोटे और मध्यम उद्योगों का तेज़ी से विकास संभव है।

उन्होंने निर्देश दिया कि बैंक अपनी शाखाओं में उद्योग योजना से जुड़े आवेदकों की काउंसलिंग, मार्गदर्शन और दस्तावेज़ी सहायता भी प्रदान करें।

 

(जिला उद्योग केंद्र में बनेगा ‘उद्योग हेल्प डेस्क)

 

स्थानीय उद्यमियों, महिलाओं के स्व-सहायता समूहों, युवा स्टार्टअप और कारीगर समुदाय को तुरंत सहायता देने के लिए जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र सीतामढ़ी में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया।

यह हेल्प डेस्क

योजनाओं की जानकारी,

आवेदन प्रक्रिया,बैंक ऋण मार्गदर्शन,और दस्तावेज़ी सहायता

एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।

 

 

किसान क्रेडिट कार्ड (डेयरी एवं फिशरीज) को बढ़ावा

डेयरी व मत्स्य क्षेत्र से जुड़े किसानों को ऋण वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। इसके लिए शाखाओं को आवेदन सूची उपलब्ध कराकर सुसंगत समीक्षा करने का आदेश दिया गया।

नीलाम पत्रवाद व पंजी-9/10 के अनुपालन में ढिलाई नहीं

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बैंक—

प्रत्येक माह नीलाम पत्र कार्यालय जाकर पंजी–9 व 10 का मिलान करें,

तथा प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर भी समय पर मिलान सुनिश्चित करें।

बैठक में एलडीएम अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ कमल सिंह, बैंकिंग प्रभारी अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव, जीएम–डीआईसी प्रिया भारती, रिज़र्व बैंक के प्रतिनिधि समेत सभी प्रमुख बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

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