
पीसीसीआई के जरिए आर्थिक विकास के अवसरों की उपलब्धता
टोक्यो के एंटरप्रेन्योर डॉ. प्रमोद वहाने का बयान
पुणे में भारत-जपान बिजनेस मीट
प्रोगेसिव काउंसिल ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और लॉर्ड बुद्धा फाइनेंस लिमिटेड का शुभारंभ
पुणे, विशाल समाचार: प्रोगे्रसिव्ह देश में मौजूद अलग अलग रिसोर्स और जापान के अत्याधुनिक तकनीकों को मिलाकर प्रोग्रेसिव काउंसिल ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जरिए बडे पैमाने पर आर्थिक विकास के नए अवसरों को उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी. पीसीसीआई द्वारा जापान के इंडिस्ट्रियल अनुशासन और प्रबंधन कौशल के साथ एंटरप्रेन्योर्स की युवा पीढी को गाइडेंस भी देगा. यह विचार वैनेज लिमिटेड के सीईओ डॉ. प्रमोद वहाने ने रखे.
वह प्रोग्रेसिव काउंसिल ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री द्वारा आयोजित भारत-जापान बिजनेस मीट-२०२५ के उद्घाटन मौके पर बोल रहे थे.
इस मौके पर टोक्यो स्थित ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी इंक के सीईओ एन.डोवाकी बतौर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे. साथ ही टेक्निल एक्स्पर्अ सकामोटो, पीसीसआई के अध्यक्ष, लॉर्ड बुद्धा फाइनान्स लिमिटेड के प्रबंधकीय संचालक और एम्पेरिया बिल्टकॉन के प्रबंधकीय पार्टनर डॉ. भगवान गवई, पीसीआई के संचालक प्रो.दीपक बागडे, पीसीआइ के संचालक एड. ओमप्रकाश मौर्य, संचालक जितेंद्रकुमार, जिगर सोसा, राकेश जोशी, राज्य के पूर्व सचिव रत्नाकर गायकवाड, ग्रीन सोल्यूशन्स के संचालक सागर अहिवले, कुणाल लोहिया, महेंद्र पाल सिंह, डॉ. प्रकाश पवार, डॉ. गिरीश इंगले, अविनाश जगताप, डॉ. विजय कदम, संजीवनी गवई, सौरभ गवई, सागरिका गवई, पंकज जाधव, डॉ. लता शापे, विनय दवे, राकेश जोशी, प्रमोद वाकोडे, प्रसाद वाकोडे, जयंत रामटेके, डॉ. मंगेश शिंदे, देवेंद्र तायडे तथा पीसीसीआई और बिजनेस वूमेन, पुणे की डाइरेक्टर विशाखा गायकवाड उपस्थित थी.

डॉ. प्रमोद वाहने ने कहा, भारत और जापान दोनों की अच्छी बातों को जोडकर नए बिजनेस के मौके बनाने की कोशिश है. जापान में डेवलप हुई तकनीक, जो अभी तक दुनिया में नहीं देखी गई है, और भारत में मौजूद रिसोर्स को मिलाकर, इकोनॉमिक ग्रोथ, नए बिजनेस और एनवायरनमेंट फ्रेंडली प्रोडक्टस की नई कैटेगरी डेवलप करने का मकसद है. भारत के अलग अलग तरह के रिसोर्स साथ ही स्किल्ड मैनपावर जगह की उपलब्धता और एंटरप्रेन्योर वाली सोच, जापान द्वारा रिसर्च से डेवलप किए गए टेक्नोलॉजी फ्रेडली प्रोडक्टस को पूरा करेंगे. कई कंपनियां जापान और भारत में इन्वेस्ट करने के लिए उत्सुक है. इस कॉन्फफ्रेंस के लिए जापानी डेलीगेशन हमारे साथ है. उन्होंने कचरे से हाइड्रोजन बनाने की एक तकनीक डेवलप की है. इसे अल्टरनेटिव फ्यूल के एक संभावित सोर्स के तौर पर देखा जा सकता है. दोनों देशों की सेंट्रल एजेंसियों ने अपना फेवर दिखाया है और हौसला बढाया है.
एन.डोवाकी ने कहा, इकोलॉजिकल बैलेंस और एनवायनमेंट फ्रेंडली प्रोडक्टस नए जमाने की जरूरत है. इसलिए ग्रीन एनर्जी, ग्रीन टेक्नोलॉजी के फील्ड में रिसर्च चल रही है और ग्रीन हाइड्रोजन अगला कदम होगा. इसके लिए भारत के एंटरप्रेन्योर और रिसोर्स की रिचनेस जरूरी होगी. ग्रीन टेक एक स्टार्टअप है जो कचरे से हाइड्रोजन बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और हमारे पार्टनर भी भारत में है.
भगवान गवई ने कहा, पीसीसीआई मुख्य रूप से एंटरप्रेन्योर्स के लिए शुरु किया गया है. शुरूआत में पीसीसीआई ने देश के १० राज्योंके ४५ जिलाकें में ४५ दिन का इकोनॉमिक एम्पावरमेंट कैंपेन चलाया. डेटा इकट्ठा करके उसका एनालिसिस किया गया. सभी जरूरी चीजें एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हों ताकि नई टेक्नोलॉजी नए इन्वेस्टमेंट के मौके और इनोवेशन लाने वाले युवा एंटरप्रेन्योर्स को लंबं समय तक चलने वाली बिजनेस पार्टनरशिप के मौके मिल सकें. पीसीसीआइ इसी लक्ष्य की ओर काम करेगा. साथ ही सिर्फ शहरी इंडस्ट्रीज पर फोकस करने के बजाया, सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों में एंटरप्रेन्योर्स के मौकों को प्राथमिकता दी जाएगी.
विशाखा गायकवाड ने कहाा, यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक इवेंट तक सीमित नहीं है. इस के पीछे का मकसद युवा और नए एंटरप्रेन्योर्स को सही लॉन्ग टर्म मेंटरशिप देना, उनका मनोबल बढाना, आंतरराष्ट्रीय बाजार के बारे में जानकारी देना, के्रडिट, कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए भरोसेमेंद पार्टनर दिलाना और मौजूदा इकोनॉमिक असमानता को कम करना है. खास बात यह है कि पीसीसीआई सबको साथ लेकर चलनेवाले तरीके से काम कर रहा है.
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन दीपक बागडे और डॉ. विजय कदम ने किया. विशाखा गायकवाड ने सभी का आभार माना.


