वज़ीरएक्स ने लॉन्च किया उद्योग में सबसे कम ट्रेडिंग फीस वाला क्रिप्टो फ्यूचर्स
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
भारत : वज़ीरएक्स (WazirX) ने आज क्रिप्टो फ्यूचर्स ट्रेडिंग शुरू करने की घोषणा की, जिससे भारतीय ट्रेडर्स के लिए क्रिप्टो डेरिवेटिव्स का रास्ता खुल गया है। इसका फी स्ट्रक्चर इतना किफायती है कि अब हर कोई प्रोफेशनल लेवल की ट्रेडिंग कर सकता है।
वज़ीरएक्स फ्यूचर्स में मेकर फीस 0.02% और टेकर फीस 0.04% होगी। भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों के बीच यह सबसे कम फीस है, और इसका लाभ उठाने के लिए किसी न्यूनतम ट्रेडिंग वॉल्यूम की आवश्यकता नहीं है। यूज़र्स सीधे भारतीय रूपए के ज़रिए फ्यूचर्स एक्सेस कर सकते हैं, जिससे पोज़िशन खोलने से पहले USDT में बदलने की ज़रूरत नहीं होगी। इससे भारतीय रिटेल ट्रेडर्स की वह बड़ी अड़चन दूर हो गई है, जो अब तक डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग को मुश्किल बनाती थी।
वज़ीरएक्स के संस्थापक, निश्चल शेट्टी ने कहा, “भारत में फ्यूचर्स ट्रेडिंग का मतलब हमेशा से भारी-भरकम फीस रहा है, अगर आप बड़े वॉल्यूम वाले इंस्टिट्यूशनल ट्रेडर नहीं हैं तो। हमने इस बुनियादी नियम को ही बदल दिया है। वज़ीरएक्स फ्यूचर्स पर शुरूआत करने वाले एक सामान्य ट्रेडर को भी वही कम फीस मिलती है, जो अन्य अधिकांश प्लेटफॉर्म्स पर बड़े इंस्टिट्यूशनल ट्रेडर्स को मिलती है। हमारा उद्देश्य फ्यूचर्स ट्रेडर्स को कम फीस वाला एक मज़बूत प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।”
फ्यूचर्स का उपयोग करने से पहले, यूज़र्स को एक अनिवार्य नॉलेज क्विज़ पूरी करनी होगी, जिसमें लेवरेज, मार्जिन और लिक्विडेशन शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य ज़िम्मेदार ट्रेडिंग प्रथाओं को बढ़ावा देना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यूज़र्स फ्यूचर्स ट्रेडिंग में भाग लेने से पहले अच्छी तरह से जागरूक हों। इसके साथ ही, यह प्लेटफ़ॉर्म यूज़र्स की शिक्षा से जुड़ी पहलों में निवेश कर रहा है ताकि ट्रेडर्स के एक बड़े आधार को फ्यूचर्स को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सके।
वज़ीरएक्स फ्यूचर्स प्लेटफॉर्म की चल रही रिस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग से प्लेटफॉर्म के संचालन के ज़रिए अतिरिक्त मुनाफा होगा, जिसका उपयोग रिकवरी टोकन रखने वाले पात्र क्रेडिटर्स की अतिरिक्त रिकवरी के लिए किया जाएगा। यह पहले से ही पूरे हो चुके 85% फंड वितरण के अतिरिक्त होगा।
वज़ीरएक्स फ्यूचर्स का विस्तार लिक्विडिटी, जोखिम नियंत्रण और यूज़र्स की तैयारी के आधार पर चरणों में किया जाएगा।



