
पांचवीं अंतर-शालेय शतरंज प्रतियोगिता को ‘सूर्यदत्त’ में मिला जबरदस्त प्रतिसाद
– 500 छात्रों ने लिया हिस्सा; सूर्यदत्त नेशनल स्कूल, सूर्यदत्त फिटनेस एंड स्पोर्ट्स अकादमी व पुणे डिस्ट्रिक्ट चेस सर्कल का संयुक्त आयोजन
पुणे विशाल समाचार: सूर्यदत्त नेशनल स्कूल, सूर्यदत्त फिटनेस एंड स्पोर्ट्स अकादमी और पुणे डिस्ट्रिक्ट चेस सर्कल (PDCC) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पांचवीं अंतर-शालेय खुली शतरंज प्रतियोगिता उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस भव्य प्रतियोगिता में 80 प्रतिष्ठित स्कूलों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने 7, 10, 15 और 20 वर्ष से कम आयु वर्ग के चार गटों में भाग लिया। ‘सूर्यदत्त’ के बावधन कैंपस में पूरे दिन चले मुकाबलों में छात्रों की बुद्धिमत्ता, निर्णय क्षमता और रणनीतिक कौशल का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला। एक लाख रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र विजेताओं को प्रदान किए गए।
विजेताओं ने विभिन्न आयु वर्गों में अच्छा परफॉर्म किया. 7 वर्ष से कम आयु वर्ग में समर कोरे, विहान कांबळे, अनिरुद्ध नगरकर, ऋणवी रणदिवे और कशिव चाकवे ने क्रमशः प्रथम से पाँचवाँ स्थान हासिल किया। 10 वर्ष से कम आयु वर्ग में सर्वज्ञ बालगुड़े, राजवीर दिवे, अर्जुन कौलगुड, हेयान रेड्डी और शौर्यराज बगाडे विजेता रहे। 15 वर्ष से कम समूह में अविरत चौहान, कवीन मथियाझागन, लथिक राम, श्रेयस सरदेशमुख और रेयांश झाड ने स्थान प्राप्त किए। 20 वर्ष से कम वर्ग में अर्णव कदम, ओजस देवशतवार, कुशाग्र जैन, अक्षय जोगळेकर और मिहीर सरवदे ने क्रमशः शीर्ष स्थान हासिल किए। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। बड़ी संख्या में आए अभिभावकों ने पूरे दिन बच्चों के साथ समय बिताया और आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की सराहना की।
पुरस्कार वितरण समारोह में महाराष्ट्र चेस सर्कल के उपाध्यक्ष राजेंद्र कोंडे, फिडे इंटरनेशनल ट्रेनर जयंत गोखले, फिडे मास्टर गौरव और फिडे ट्रेनर जयसिंग विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी मान्यवरों ने विद्यार्थियों को प्रेरक मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर ‘सूर्यदत्त’ के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया और सहयोगी उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा भी उपस्थित थे।
छात्रों को संबोधित करते हुए प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा कि “खेल में जीतना या हारना महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि हर अवसर से कुछ नया सीखना अधिक महत्वपूर्ण है। स्कूल जीवन में बुद्धिमत्ता, ध्यान, संयम और रणनीति विकसित करने में शतरंज बड़ी भूमिका निभाता है। युवा पीढ़ी को मोबाइल से दूर रखते हुए पढ़ने, सोचने, लिखने और शारीरिक फिटनेस की ओर प्रेरित करने का हमारा उद्देश है।”
उन्होंने आगे कहा कि सूर्यदत्त संस्था हमेशा से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ कौशल विकास और खेलों को प्रोत्साहित करती रही है। ऐसे उपक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक और शारीरिक विकास को मजबूत बनाते हैं तथा उनमें अनुशासन, ध्येयसाधना और आत्मविश्वास का विकास करते हैं।


