
जैविक व प्राकृतिक खेती करने के लिये चयनित किसानों के क्षेत्र प्रदर्शन से अन्य किसानों को भी जागरूक करायें – कलेक्टर
कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी व मत्स्य विभाग की समीक्षा की
रीवा विशाल समाचार संवाददाता: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में कृषि, उद्यानिकी तथा मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में जैविक व प्राकृतिक खेती करने के लिये चिन्हित किसानों के खेतों का अन्य किसानों को भ्रमण करायें तथा उन्हें इस कार्य के लिये प्रेरित करें। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि माइक्रोप्लानिंग कर फील्ड में किये गये कार्य का प्रदर्शन भी करायें।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में जैविक व प्राकृतिक खेती के लिये चयनित किसानों व उनके क्लस्टर की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिये कि किसानों का सत्यापन कर प्राकृतिक खेती के लिये प्रोत्साहित करें तथा उन्हें आनबोर्ड भी करायें। कलेक्टर ने कहा कि चयन उपरांत आने वाले समय में किसान द्वारा किये जाने वाले कार्य तथा उसके परिणाम से अन्य किसानों को जागरूक करें ताकि इससे प्रेरणा लेकर अन्य किसान भी प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाने के लिये आगे आयें। उन्होंने कृषि यंत्री करण के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि जिन क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएँ सामने आयी हों वहां सुपरसीडर उपयोग के लिये अधिक से अधिक किसानों को प्रेरित करें। बैठक में अनुपस्थित कृषि यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये। उन्होंने मत्स्य पालकों के सहकारी संस्थाओं के समन्वय से किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारी को दिये। कलेक्टर ने उद्यानिकी फसलों के लिये कलेक्टर्स कांफ्रेंस में निश्चित एजेण्डा अनुसार कार्य करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि जिले में जैविक खेती के लिये 500-500 हेक्टेयर का चयन किया गया है जिसमें 788 किसान शामिल हैं। जबकि प्राकृतिक खेती के लिये 20 क्लस्टर में 1000 हेक्टेयर में 1750 किसान चयनित किये गये हैं। किसानों की सहमति के उपरांत उन्हें प्रशिक्षण देकर खेती के लिए बीजामृत व अन्य जरूरी परामर्श दिया गया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, उप संचालक कृषि यूपी बागरी, उप संचालक मत्स्य अंजना सिंह, सहायक संचालक उद्यान बीएस सेंगर सहित एसएडीओ, आत्मा परियोजना के अधिकारी कर्मचारी तथा एफपीओ उपस्थित रहे।


