
ट्रांसमिशन सिस्टम के आधुनिकीकरण व सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित
तकनीकी मजबूती, नेटवर्क सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम पर हुआ मंथन
लखनऊ, विशाल समाचार संवाददाता
उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में ट्रांसमिशन सिस्टम के आधुनिकीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश के विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तकनीकी रूप से सुदृढ़ तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना रहा।
कार्यशाला में बताया गया कि उत्तर प्रदेश का ट्रांसमिशन नेटवर्क अत्यधिक लोड को संभालने में सक्षम है और हाल ही में प्रदेश में 31,486 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसे बेहतर योजना, समयबद्ध निगरानी और तकनीकी दक्षता का परिणाम बताया गया।
कार्यशाला के दौरान ट्रांसमिशन सिस्टम से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई, जिनमें विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम, कर्मचारियों की सुरक्षा, आधुनिक उपकरणों का उपयोग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा साइबर सुरक्षा शामिल रही। विशेषज्ञों ने कहा कि बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना भविष्य की बड़ी आवश्यकता है।
ग्रीन एनर्जी और सोलर पावर के बढ़ते उपयोग को देखते हुए ट्रांसमिशन सिस्टम की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यशाला में यह भी चर्चा हुई कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर समावेशन के लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार अपग्रेड करना जरूरी है, ताकि आम उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिल सके।
कार्यक्रम में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, अधीक्षण एवं अधिशासी अभियंता शामिल हुए। कार्यशाला का सजीव प्रसारण प्रदेश के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर किया गया, जिससे फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को भी तकनीकी जानकारियां मिल सकें।
कार्यशाला को बिजली व्यवस्था में सुधार, सुरक्षा बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।



