
महाराष्ट्र में अवैध घुसपैठ के खिलाफ विशेष अधिकार व विशेष कानून बनाने की मांग
पुणे विशाल समाचार:महाराष्ट्र में बढ़ती अवैध घुसपैठ की समस्या को गंभीर बताते हुए नागरिक सोशल फाउंडेशन (NSF) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अवैध प्रवासियों की तत्काल पहचान व हकालपट्टी के लिए एक विशेष कानून बनाया जाए। साथ ही, मौजूदा कानूनों के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष अधिकार प्रदान किए जाएं। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मांग-पत्र भेजा गया है। यह जानकारी एडवोकेट मंजिरी जोशी ने पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
पुणे श्रमिक पत्रकार संघ में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में अमेय सप्रे एवं एडवोकेट सर्वेश मेहेंदळे भी उपस्थित रहे।
एडवोकेट मंजिरी जोशी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश के विभिन्न राज्यों में सैकड़ों अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया गया, जिसके बाद उन्हें उनके मूल देशों में वापस भेजा गया। इसी तरह पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से अवैध घुसपैठ के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में बिना दस्तावेज़ वाले लोग सामने आए, जिससे इस समस्या की गंभीरता और तात्कालिकता स्पष्ट हो गई।
उन्होंने बताया कि स्थलांतर एवं परकीय नागरिक अधिनियम, 2025 (Immigration and Foreigners Act, 2025) सीमा पार आवागमन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया है, लेकिन इसकी जटिल व समय-खपत कानूनी प्रक्रिया के कारण इसका प्रभावी क्रियान्वयन कठिन हो जाता है। परिणामस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर इस कानून को सख्ती से लागू करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इस पृष्ठभूमि में NSF ने मांग की है कि अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई के अधिकार राज्यों को सौंपे जाएं। आसाम प्रवासी (हकालपट्टी) अधिनियम, 1950 की तर्ज पर यदि राज्यों को अधिकार दिए जाएं, तो वे अपनी क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे। इससे प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी, आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और भारतीय नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
NSF द्वारा सुझाए गए प्रमुख कानूनी प्रावधान
आपात व विशेष परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई हेतु आसाम प्रवासी (हकालपट्टी) अधिनियम, 1950 की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को विशेष निवारक कानून का अधिकार दिया जाए।
स्थलांतर एवं परकीय नागरिक अधिनियम, 2025 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को इस कानून के अंतर्गत विशेष अधिकार प्रदान किए जाएं।
महाराष्ट्र की समुद्री तटरेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा के समान मानते हुए कोस्टल पेट्रोलिंग गार्ड को तत्काल हकालपट्टी के आदेश देने का अधिकार राज्य सरकार व प्रशासन को दिया जाए।
महाराष्ट्र में डिटेंशन सेंटर एवं फॉरेन ट्रिब्यूनल की स्थापना की जाए।



