सीतामढ़ी

जल-जीवन-हरियाली क्वीज प्रतियोगिता में जिला स्तर के विजेता सम्मानित।

जल-जीवन-हरियाली क्वीज प्रतियोगिता में जिला स्तर के विजेता सम्मानित।

जल-जीवन-हरियाली को जन-आंदोलन बनाने में युवाओं की अहम भूमिका: डीएम

 

विशाल समाचार संवाददाता 

ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर आज पटना में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका लाइव स्ट्रीमिंग राज्य के सभी जिलों में किया गया।

 

इसी क्रम में सीतामढ़ी जिले में समाहरणालय स्थित विमर्श सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय, उप विकास आयुक्त श्री संदीप कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर आयोजित क्वीज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, जलवायु संरक्षण से संबंधित प्रेरक पुस्तकें, डायरी, कलम एवं प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जिला स्तरीय क्वीज प्रतियोगिता में

प्रथम स्थान — उदया राज, कमला उच्च विद्यालय

द्वितीय स्थान — आलोक कुमार, सीतामढ़ी उच्च विद्यालय

तृतीय स्थान — अलका कुमारी, कमला उच्च विद्यालय ने प्राप्त किया।

विदित हो कि जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान के अंतर्गत इस जिला स्तरीय क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, तालाबों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से किया गया।

जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनके प्रयासों एवं योगदान को सराहा गया।इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि

जल–जीवन– हरियाली का संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की भूमिका इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जब छात्र-छात्राएं स्वयं जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक होते हैं, तो इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।

जब बच्चे गंदगी फैलाने वालों को टोकते हैं, पानी की बर्बादी रोकते हैं और पर्यावरण के पक्ष में आवाज उठाते हैं, तब समाज अपनी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाता है।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने विद्यालय, परिवार एवं मोहल्ले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों की सफाई और पौधारोपण जैसे कार्यों के प्रति लोगों को प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान तभी सफल होगा, जब आने वाली पीढ़ी इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़े।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सतत प्रयास करने का संकल्प लिया।

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