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इटावा पुलिस की बड़ी सफलता, साइबर फ्रॉड गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार

इटावा पुलिस की बड़ी सफलता, साइबर फ्रॉड गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार

73 फर्जी सिम कार्ड बरामद, फर्जी बैंक खाते खोलकर करते थे ठगी

इटावा, विशाल समाचार संवाददाता 

इटावा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। धोखाधड़ी कर फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह के चार अभियुक्तों को थाना जसवंतनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से वोडाफोन के 50 और एयरटेल के 23 सहित कुल 73 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में की गई। जनपद में अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों, विशेषकर फर्जी सिम कार्ड और POS सत्यापन से जुड़े मामलों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना जसवंतनगर पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, 06/07 जनवरी 2026 की रात थाना जसवंतनगर क्षेत्र के जमुनाबाग इलाके में चेकिंग के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कुरसैना और हनुमंत खेड़ा के लोगों के साथ धोखाधड़ी कर एयरटेल और वोडाफोन के फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए हैं। इन सिम कार्डों का उपयोग कर NSDL पेमेंट बैंक में फर्जी खाते खोलकर साइबर फ्रॉड किया जा रहा है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ग्राम हनुमंत खेड़ा से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में शिशुपाल सिंह उर्फ अनिल (35) निवासी हनुमंत खेड़ा, हिमांशु निवासी विजयनगर थाना फ्रेंड्स कॉलोनी, विमलेश कुमार एवं संजीव कुमार राठौर निवासी लुधपुरा थाना जसवंतनगर शामिल हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे गांव के लोगों को बहला-फुसलाकर उनकी आईडी, आधार कार्ड और बायोमेट्रिक विवरण का दुरुपयोग कर सिम कार्ड एक्टिवेट कराते थे और उन्हीं सिम कार्डों के माध्यम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

इस संबंध में थाना जसवंतनगर पर मु0अ0सं0 06/2026 धारा 318(4)/317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

इटावा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सिम कार्ड या बैंक से जुड़े किसी भी कार्य के लिए अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या बायोमेट्रिक विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न दें, क्योंकि इनके दुरुपयोग से फर्जी सिम और बैंक खाते खोलकर साइबर अपराध किए जा सकते हैं।

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