
इटावा में जीएसटी जागरूकता हेतु “व्यापारी संवाद कार्यक्रम” का आयोजन
इटावा, विशाल समाचार:
उपायुक्त (प्रशासन), राज्य कर, इटावा ने जानकारी दी कि जीएसटी की विधिक व्यवस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, पंजीयन बेस एवं राजस्व वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर जीएसटी 2.0 सुधारों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से उद्यमियों, करदाताओं एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद स्थापित करने हेतु दिनांक 17.01.2026 को एक “व्यापारी संवाद कार्यक्रम” का आयोजन प्रेरणा सभागार, विकास भवन, इटावा में प्रातः 11:30 बजे किया गया।
कार्यक्रम में श्रीमती सरिता भदौरिया, माननीय विधायक सदर इटावा, श्री शुभ्रांत कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी इटावा, श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा, श्री एच.पी. राव दीक्षित, अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्य कर, इटावा सहित व्यापारी, युवा उद्यमी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा राज्य कर विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 191 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण श्री मनीष कुमार राय, सहायक आयुक्त, राज्य कर द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री एच.पी. राव दीक्षित, अपर आयुक्त ग्रेड-1 ने जीएसटी के अंतर्गत इटावा जनपद के राजस्व एवं पंजीयन डाटाबेस बढ़ाने, ईंट-भट्ठों से प्राप्त राजस्व संवर्धन तथा व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
श्री शिव कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा जीएसटी में ट्रिब्यूनल में द्वितीय अपील दाखिल करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया। श्री विवेक स्वरूप अग्रवाल, अध्यक्ष बार एसोसिएशन ने जीएसटी रिटर्न एवं रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। श्री राकेश कुमार, अपर आयुक्त ग्रेड-2 (अपील), इटावा द्वारा अपीलीय प्रक्रिया तथा श्री सुरेन्द्र मोहन, अपर आयुक्त ग्रेड-2 (विधि/अनुशासन) द्वारा प्रवर्तन से संबंधित समस्त पहलुओं पर व्यापारियों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्री ए.के. शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, श्री विवेक स्वरूप अग्रवाल, अध्यक्ष टैक्स बार एसोसिएशन, श्री शिव कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, श्री अनंत प्रताप अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल एवं श्री धर्मेन्द्र जैन, जिला महामंत्री व्यापार मंडल द्वारा अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उच्च स्तर पर अग्रेषित किए जाने हेतु अभिलिखित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारियों एवं करदाताओं में जीएसटी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल रही।


