
राज्यस्तरीय ‘मएसो क्रीडा करंडक’ का 23 से 25 जनवरी तक पुणे में आयोजन
आनंदी पाटिल की जानकारी; प्रायमरी स्कुल के छात्रों के लिए एक मात्र प्रतियोगिता
पुणे विशाल सिंह: महाराष्ट्र एजुकेशन सोसाइटी (मएसो) की क्रीड़ावर्धिनी और बालशिक्षण मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में राज्यस्तरीय अंतर-विद्यालय ‘मएसो क्रीड़ा करंडक’ मैदानी खेल प्रतियोगिता का आयोजन 23, 24 और 25 जनवरी 2026 को किया गया। यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता मयूर कॉलनी स्थित बालशिक्षण मंदिर स्कूल परिसर में आयोजित होगी। यह जानकारी मएसो की प्रबंध मंडल की उपाध्यक्ष आनंदी पाटिल ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर स्कूल समिति और मएसो क्रीड़ावर्धिनी के अध्यक्ष विजय भालेराव, संस्था के सचिव अतुल कुलकर्णी, क्रीड़ावर्धिनी के महामात्र एवं संस्था के सहसचिव सुधीर भोसले, स्कूल की महामात्रा डॉ. नेहा देशपांडे, क्रीड़ावर्धिनी के क्रीड़ा समन्वयक प्रो. शैलेश आपटे, बालशिक्षण मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राथमिक विभाग की प्रधानाचार्या मंजुषा दुर्वे तथा उपप्रधानाचार्या डॉ. वैशाली कुलकर्णी उपस्थित थे। इसी दौरान प्रतियोगिता के ‘वीर’ मैस्कॉट का अनावरण भी किया गया।
आनंदी पाटिल ने बताया कि यह प्रतियोगिता अपने 14वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और पूरे महाराष्ट्र में 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाने वाली यह एकमात्र आवासीय खेल प्रतियोगिता है। विद्यार्थियों में कम उम्र से ही खेल संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से ‘मएसो क्रीड़ा करंडक’ का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता प्रतिवर्ष जनवरी माह में लगातार तीन दिनों तक आयोजित की जाती है। इसमें सूर्य नमस्कार, लंगड़ी, डॉजबॉल और गोल खो-खो जैसे टीम आधारित मैदानी खेल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से विद्यार्थियों की शारीरिक तंदुरुस्ती, ताकत, चुस्ती और एकाग्रता बढ़ती है, साथ ही अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और खेल भावना का विकास होता है, जो भविष्य में उनके लिए लाभदायक सिद्ध होता है।
विजय भालेराव ने बताया कि संस्था की सभी प्राथमिक शालाओं के साथ-साथ आसपास के कुल 20 स्कूलों से लगभग 1,200 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। यह खेल महोत्सव पर्यावरण-अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी शिक्षकों के लिए ‘जीरो वेस्ट मैनेजमेंट’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि खेलों के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता अवधि के दौरान ओरिगामी कार्यशाला, जोशी रेलवे संग्रहालय भ्रमण, मेट्रो यात्रा, वाचन एवं कला कट्टा, मूल्य-आधारित लघु फिल्में और मनोरंजक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है।
प्रतियोगिता के आयोजन हेतु विजय भालेराव, डॉ. नेहा देशपांडे, सुधीर भोसले, प्रो. शैलेश आपटे सहित संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन आंबर्डेकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता की संपूर्ण योजना स्कूल की प्रधानाचार्या मंजुषा दुर्वे ने तैयार की, जबकि उपप्रधानाचार्या डॉ. वैशाली कुलकर्णी, सभी शिक्षिकाओं और क्रीड़ा शिक्षकों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए विशेष परिश्रम किए।


