
उद्देश्यपूर्ण निरंतरता दर्शाने वाला बजट : भरत गीते
रिपोर्ट विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
दिनांक:1 फरवरी 2026
केंद्रीय बजट में उद्देश्यपूर्ण निरंतरता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। देश का आर्थिक विकास केवल बड़े उद्योगों पर नहीं, बल्कि एमएसएमई, टियर–2 और टियर–3 शहरों के उद्योगों तथा उनसे जुड़ी औद्योगिक पारिस्थितिकी पर आधारित है—इस तथ्य को इस बजट में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। यह प्रतिक्रिया टॉरल इंडिया के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक भरत गीते ने व्यक्त की।
भरत गीते ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि, एमएसएमई के लिए लक्षित वित्तीय सहायता, उच्च-परिशुद्धता टूलरूम्स की स्थापना और पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार से देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दीर्घकाल में मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि एसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस से जुड़ी तरलता व्यवस्था और सरल अनुपालन सहायता से उभरते उद्योग आत्मविश्वास के साथ विस्तार कर सकेंगे। आज के दौर में प्रतिस्पर्धात्मकता केवल लागत तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति और स्थिरता से भी जुड़ी हुई है।
गीते ने कहा कि कंटेनर निर्माण, लॉजिस्टिक्स दक्षता और कार्बन कैप्चर पर दिया गया जोर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकताओं के अनुरूप है। टियर–2 शहर से आने वाले उद्यमी के रूप में उन्होंने कौशल विकास और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय क्षमताओं को वास्तविक प्रदर्शन में बदलने पर दिए गए बल को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि यह बजट स्वदेशीकरण, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, रेलवे और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों के लिए भविष्य में क्षेत्र-विशेष प्रोत्साहनों की संभावनाएं भी प्रस्तुत करता है।



