
विकसित भारत हर नागरिक का सपना होना चाहिए : अविनाश धर्माधिकारी
रिपोर्ट:विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
दिनांक:02 फरवरी 2026
पुणे। स्वच्छ, चरित्रवान, ईमानदार और कार्यक्षम प्रशासनिक अधिकारी देश की वास्तविक संपत्ति होते हैं। जो व्यक्ति अपना कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करता है, वही सच्चा देशभक्त है। जब भारत की स्वतंत्रता को 100 वर्ष पूर्ण होंगे, तब 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बने—यह सपना हर नागरिक का होना चाहिए और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। यह विचार सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी एवं चाणक्य मंडल संस्था के संस्थापक श्री अविनाश धर्माधिकारी ने व्यक्त किए।
वे नागरिक सोशल फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘भारत 2047 और मैं’ विषयक व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। इस अवसर पर संस्था के वक्ता विभाग प्रमुख दीपक मेहेंदळे, विश्वस्त अमेय सप्रे, प्रीतम थोरवे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
अविनाश धर्माधिकारी ने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो, उसमें राष्ट्रसेवा की भावना सदैव जीवित रहनी चाहिए। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का होना चाहिए। हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने कार्य के माध्यम से राष्ट्र के विकास में योगदान देगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन देशसेवा का एक सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा राष्ट्रसेवा और विकास को गति दी जा सकती है। अमेरिका केवल वहां के राष्ट्रपतियों के निर्णयों के कारण महाशक्ति नहीं बना, बल्कि वहां के प्रत्येक नागरिक के प्रयासों से वह विकसित राष्ट्र बना है। इसी प्रकार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी से योगदान देना होगा। आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बने रहना आवश्यक है, तभी भारत भविष्य में हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर दोनों क्षेत्रों में आगे रहेगा।
प्रस्ताविक भाषण में अमेय सप्रे ने कहा कि ‘देश प्रथम’ संस्था का मूल ध्येय है और उसी दिशा में संस्था कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नीति सुधार के लिए संस्था निरंतर प्रयासरत है और वक्फ बोर्ड के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा गठित संयुक्त समिति के समक्ष किए गए प्रस्तुतीकरण की कुछ बातों को स्वीकार किया जाना संस्था की उपलब्धि है।
कार्यक्रम का संचालन सायली गोडबोले जोशी ने किया तथा आभार प्रदर्शन पुष्कराज सप्रे ने किया।


