
बजट 2026 से इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट को नई गति : अमित परांजपे
रिपोर्ट विशाल समाचार संवाददाता
स्थान पुणे महाराष्ट्र
दिनांक:01 फरवरी 2026
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में केंद्रीय बजट 2026 ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने का कार्य किया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किए जाने और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना से सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि दीर्घकालिक और रणनीतिक परियोजनाओं को तेजी मिलेगी तथा सार्वजनिक निवेश के साथ निजी निवेश भी आकर्षित होगा। यह प्रतिक्रिया परांजपे स्कीम्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के बिज़नेस डेवलपमेंट डायरेक्टर अमित परांजपे ने दी।
अमित परांजपे ने कहा कि सीपीएसई (केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों) की भूमि परिसंपत्तियों का समर्पित आरईआईटी (REIT) के माध्यम से मौद्रीकरण और प्रत्येक सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए 5,000 करोड़ रुपये के प्रावधान से निष्क्रिय पड़ी भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा। इससे वाणिज्यिक और आवासीय विकास के नए अवसर सृजित होंगे और रियल एस्टेट क्षेत्र में पूंजी दक्षता बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि मुंबई–पुणे और पुणे–हैदराबाद जैसे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर दिया गया जोर तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों के सशक्तिकरण से क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। पुणे जैसे शहरों के लिए इसका अर्थ है बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक उत्पादकता, सुगम आवागमन और मजबूत रियल एस्टेट आधार।
एनआरआई निवेशकों के लिए भी बजट को सकारात्मक बताते हुए परांजपे ने कहा कि प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश की सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किए जाने, अनुमानित कर प्रणाली के तहत छूट, संपत्ति लेन-देन की प्रक्रिया को सरल बनाने और विदेशी प्रेषण पर टीसीएस घटाने जैसे कदमों से एनआरआई निवेश में वृद्धि होने की संभावना है। इससे विशेष रूप से टियर-1 और टियर-2 शहरों में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की मांग बढ़ेगी।
अमित परांजपे ने कहा कि बजट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट केवल चक्रीय क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा के मजबूत स्तंभ हैं, जो भविष्य के शहरी भारत की नींव रखेंगे।



