
दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर दिखा आसमान छूने का आनंद
वैलेंटाइन डे पर ओवाईई फाउंडेशन की पहल, 35 बच्चों को मिला हेलिकॉप्टर राइड का अनुभव
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे,महाराष्ट्र
पुणे : आसमान में उड़ते हेलिकॉप्टर को तो कई लोगों ने देखा होता है, लेकिन उसमें बैठकर उड़ान भरने का अनुभव हर किसी को नहीं मिलता। वैलेंटाइन डे के अवसर पर ओवाईई फाउंडेशन तथा महालक्ष्मी एविएशन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए एक विशेष पहल की गई, जिसने उनके चेहरों पर मुस्कान और आंखों में उत्साह भर दिया।
ओवाईई फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. सिमरन जेठवानी के नेतृत्व में तथा महालक्ष्मी एविएशन के नितीन गोते एवं कैप्टन नितीन वेल्डे के सहयोग से 35 दिव्यांग बच्चों को छह मिनट की हेलिकॉप्टर सैर कराई गई।
जैसे ही हेलिकॉप्टर ने जमीन से उड़ान भरी, बच्चों ने उत्साह के साथ नीचे देखते हुए हाथ हिलाए। कई बच्चों ने पहली बार शहर को आसमान से देखा और आश्चर्य व्यक्त किया, वहीं कुछ की आंखों में खुशी के आंसू झलकते नजर आए। एक बच्चे ने मुस्कुराते हुए कहा, “आज हमने भी उड़ान भरी और हमारे सपने पूरे हुए,” जिससे वहां उपस्थित सभी लोग भावुक हो गए।
डॉ. सिमरन जेठवानी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल एक हेलिकॉप्टर राइड देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवनभर संजोकर रखने योग्य यादें देना था। उनके चेहरों पर खुशी देखकर इस पहल का उद्देश्य सफल होता प्रतीत हुआ। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में समावेशिता और संवेदनशीलता का संदेश देने वाला प्रयास था।
महालक्ष्मी एविएशन के नितीन गोते ने बताया कि दिव्यांग बच्चों को हेलिकॉप्टर राइड कराने का अनुरोध प्राप्त होने पर सामाजिक दायित्व निभाते हुए इस पहल में सहभागिता की गई। इस तरह के प्रेरणादायी कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
हेलिकॉप्टर से नीचे झांकते हुए बच्चों ने शहर का सुंदर दृश्य देखने का अनुभव साझा करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।