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अवघे विश्व को चकित करने वाली शिवजयंती मनाएंगे : अमित गायकवाड को ‘ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित

अवघे विश्व को चकित करने वाली शिवजयंती मनाएंगे : अमित गायकवाड को ‘ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित

रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता

स्थान:  पुणे महाराष्ट्र

शिवजयंती महोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिवजयंती महोत्सव समिति के संस्थापक अध्यक्ष अमित गायकवाड को ‘ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। इजिप्ट में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय समारोह में उन्हें महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर पुणे में म्हात्रे पुल के समीप स्थित स्वराज्यभूमी कृष्णसुंदर गार्डन में विभिन्न स्वराज्य सरदार घरानों की ओर से उनका सत्कार किया गया। कार्यक्रम में पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के सभागृह नेता प्रशांत शितोळे तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उल्हास कदम के हस्ते कोल्हापुर की अंबाबाई माता की प्रतिमा, शॉल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर अमित गायकवाड ने कहा कि, “दुनिया में किसी भी राजा की जयंती उतनी भव्यता से नहीं मनाई जाती जितनी पुणे में शिवजयंती मनाई जाती है। इस वर्ष स्वराज्य के 100 से अधिक सरदार घरानों के रथों की उपस्थिति में शिवजयंती महोत्सव को ऐसे स्वरूप में मनाया जाएगा, जिससे पूरा विश्व प्रभावित होगा।”

उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से शिवजयंती उत्सव को ऐतिहासिक रूप देने की अभिनव संकल्पना शुरू की गई थी। पहले वर्ष मात्र छह रथों की भागीदारी थी, जबकि इस वर्ष डेढ़ सौ आवेदनों में से कम से कम 100 स्वराज्य रथ शामिल होंगे। यह भव्य शोभायात्रा पुणे के ऐतिहासिक लाल महल परिसर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न भागों से गुजरती है।

इसके साथ ही 6 जून को ‘शिवराज्याभिषेक दिवस’ को ‘शिवस्वराज्य दिवस’ के रूप में पूरे भारत में मनाने तथा स्वतंत्र भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता खाशाबा जाधव के जन्मदिन 15 जनवरी को ‘महाराष्ट्र क्रीड़ा दिवस’ घोषित करने के लिए भी वर्षों से प्रयास किए गए, जिसे राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में मंजूरी दी।

अमित गायकवाड ने इस सम्मान का श्रेय स्वराज्य घरानों, स्वयंसेवकों, सहयोगियों और शिवभक्तों को देते हुए कहा कि यह सफलता व्यक्तिगत नहीं बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति समर्पित सेवा का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी स्वराज्य और संस्कृति के लिए कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।

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