
कैंसर से जूझ रहे BSP विधायक पर IT का छापा — योगी सरकार में ही बगावत के सुर! मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का फूटा गुस्सा, बोले: “इतनी संवेदनहीनता क्यों?”
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:लखनऊ उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई की। लेकिन इस छापे से विपक्ष नहीं, बल्कि खुद सत्ता पक्ष में बेचैनी दिखाई देने लगी है।
योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। मंत्री ने न सिर्फ आयकर विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए, बल्कि यह तक कह दिया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक जनप्रतिनिधि पर इस तरह की कार्रवाई करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“जिसने भी यह छापा डलवाया है, उसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दी हैं। एक कैंसर पीड़ित विधायक को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। आखिर यह कैसी व्यवस्था है?”
इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब सरकार के अपने मंत्री ही ऐसी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो आखिर यह छापेमारी किसके निर्देश पर हुई? क्या राजनीतिक बदले की भावना के तहत एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है? क्या बीमारी से जूझ रहे जनप्रतिनिधियों के लिए भी सिस्टम में कोई संवेदनशीलता नहीं बची?
सरकार के भीतर से उठी यह नाराजगी अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती दिखाई दे रही है। सत्ता पक्ष के मंत्री का इस तरह खुलकर सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है —
क्या प्रशासनिक कार्रवाई अब मानवीय संवेदनाओं से ऊपर हो चुकी है?
क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच बीमार जनप्रतिनिधियों तक को निशाना बनाया जा रहा है?
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा चढ़ा दिया है और सरकार की कार्यशैली पर बहस को और तेज कर दिया है।

