
महाराष्ट्र सरकार के आगामी बजट पर Agrawal Marwadi Chamber of Commerce, Industries & Education (AMCCIE) की ठोस और आक्रामक भूमिका
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे : Agrawal Marwadi Chamber of Commerce, Industries & Education (AMCCIE) ने महाराष्ट्र सरकार के आगामी बजट को लेकर ठोस, परिणामकारी और समयबद्ध सुधारों की जोरदार मांग की है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र देश की आर्थिक और औद्योगिक रीढ़ है, इसलिए केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर निर्णायक और नीति-आधारित कदम उठाना अनिवार्य है।
AMCCIE के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“महाराष्ट्र को चरणबद्ध नहीं, बल्कि तीव्र आर्थिक गति की आवश्यकता है। उद्योगों और निवेशकों को स्पष्ट, ठोस और साहसिक निर्णयों की अपेक्षा है।”
प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं :
1) स्टाम्प ड्यूटी तुरंत 2% तक कम की जाए
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र गोयल ने मांग रखी कि राज्यभर में स्टाम्प ड्यूटी एकसमान 2% की जाए। वर्तमान उच्च दरें रियल एस्टेट लेनदेन में बाधा बन रही हैं। पारदर्शी लेनदेन को बढ़ावा देने और राजस्व में वृद्धि हेतु दरों में कटौती आवश्यक है।
2) जवाबदेही के साथ सख्त सिंगल विंडो प्रणाली लागू हो
महासचिव उमेश मांडोत ने कहा कि उद्योगों को वास्तविक अर्थों में प्रभावी सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की जरूरत है। कानूनी समयसीमा तय कर देरी करने वाले विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
3) उद्योगों के लिए 24×7 किफायती बिजली आपूर्ति
संगठन मंत्री कमलराज बंसल ने स्पष्ट किया कि उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध और प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराना कोई समझौते का विषय नहीं है। यदि अन्य औद्योगिक राज्यों की तुलना में बिजली दरें अधिक रहीं तो उद्योगों के पलायन का खतरा बढ़ सकता है।
4) MSME और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत प्रोत्साहन
राष्ट्रीय सलाहकार भीमसेन अग्रवाल ने निम्न मांगें रखीं :
सरल और समन्वित अनुपालन व्यवस्था
MSME के लिए ब्याज अनुदान एवं वित्तीय प्रोत्साहन
विनिर्माण, निर्यात, ईवी, हरित ऊर्जा और क्लस्टर विकास के लिए ठोस नीतिगत समर्थन
व्यापक आर्थिक प्राथमिकताएँ :
सड़क, मेट्रो, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आधारभूत निवेश
एग्रो-प्रोसेसिंग और ग्रामीण औद्योगिकीकरण को विशेष प्रोत्साहन
उद्योग-संबद्ध कौशल विकास कार्यक्रम
स्टार्टअप और नवाचार के लिए स्वतंत्र निधि और नीतिगत सुधार
राज्य के विभिन्न स्थानीय करों और अधिभारों की तर्कसंगत पुनर्रचना
आधिकारिक आक्रामक रुख
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने दो टूक कहा :
“महाराष्ट्र को नेतृत्व करना चाहिए, अनुसरण नहीं। आगामी बजट में स्टाम्प ड्यूटी 2% करना, 24×7 किफायती बिजली की गारंटी देना, सख्त सिंगल विंडो प्रणाली लागू करना और MSME व विनिर्माण क्षेत्र को ठोस आर्थिक समर्थन देना अनिवार्य है। आधे-अधूरे उपाय महाराष्ट्र की आर्थिक अग्रणी स्थिति को बनाए नहीं रख सकते।”
AMCCIE के सभी पदाधिकारियों ने एकमत से कहा कि महाराष्ट्र की आर्थिक गति को सशक्त बनाने के लिए साहसिक वित्तीय सुधार, निवेशक-अनुकूल प्रशासन और मापनीय क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।



