
सिंजेंटा की वैश्विक लीडर अलेक्ज़ांड्रा ब्रांड ने भारत की सतत कृषि प्रगति की सराहना की, कहा देश विश्व का नेतृत्व कर सकता है
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान :पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: भारत में सतत विकास और जलवायु-अनुकूल कृषि की बढ़ती गति की सराहना करते हुए सिंजेंटा समूह की वैश्विक स्थिरता प्रमुख अलेक्ज़ांड्रा ब्रांड, कार्यकारी उपाध्यक्ष, सस्टेनेबिलिटी, कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ट्रांसफॉर्मेशन, ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास सतत कृषि में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता और महत्वाकांक्षा दोनों हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ाने से लेकर गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने तक भारत की प्रगति जिम्मेदार विकास के प्रति स्पष्ट राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ब्रांड ने कहा कि भारत का व्यापक पैमाना, वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार पर बढ़ता ध्यान इसे वैश्विक स्तर पर सतत कृषि के भविष्य को आकार देने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम बनाता है।
पुणे के निकट नारायणगांव की अपनी यात्रा के दौरान ब्रांड ने किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण युवाओं से सीधे संवाद किया। यह संवाद सिंजेंटा इंडिया के WeCare स्टेवर्डशिप अभियान के माध्यम से सुरक्षित उपयोग प्रथाओं को बढ़ावा देने और I RISE युवा कौशल विकास पहल के जरिए ग्रामीण क्षमताओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित था। उन्होंने जिम्मेदार फसल सुरक्षा प्रथाओं को सुदृढ़ करने और भविष्य के लिए तैयार ग्रामीण प्रतिभाओं को विकसित करने के प्रति सिंजेंटा की प्रतिबद्धता दोहराई। ब्रांड ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद कर फसल सुरक्षा उत्पादों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाई। यह पहल केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदायों और अगली पीढ़ी में भी स्टेवर्डशिप की व्यापक संस्कृति को प्रोत्साहित करती है।
ब्रांड ने कहा, “भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे जलवायु चुनौतियाँ बढ़ रही हैं और भूमि संसाधन सीमित हो रहे हैं, सतत उत्पादकता अत्यंत आवश्यक हो जाती है। WeCare और I RISE जैसी पहलें सुनिश्चित करती हैं कि नवाचार किसानों तक जिम्मेदारी के साथ पहुँचे, जिससे फसलें, समुदाय और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र सुरक्षित रहें।”
ब्रांड ने किसानों और उत्पादकों के साथ जलवायु परिवर्तनशीलता, कीट दबाव और मिट्टी एवं जल संसाधनों की सुरक्षा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
किसानों को संबोधित करते हुए ब्रांड ने कहा, “भारत विश्व के सबसे महत्वपूर्ण कृषि बाजारों में से एक है—केवल अपने पैमाने के कारण नहीं, बल्कि उत्पादकता और स्थिरता के संतुलन की अपनी महत्वाकांक्षा के कारण भी। नारायणगांव में आकर हमें वैश्विक नवाचार को स्थानीय वास्तविकताओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। सतत कृषि ऐसे ही खेतों में निर्मित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “सुरक्षित उपयोग स्थिरता की आधारशिला है। जब किसान सही उत्पाद, सही मात्रा और सही समय पर उपयोग करते हैं, तो वे अपनी उपज के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा करते हैं। स्टेवर्डशिप सुनिश्चित करता है कि नवाचार आज के किसानों और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए प्रभावी रहे।”
ब्रांड ने कृषि के अगले चरण को आकार देने में उन्नत अनुसंधान और डिजिटल परिवर्तन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।“डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस बात को बदल रहे हैं कि हम नए अणुओं की डिज़ाइन कैसे करते हैं और जैविक समाधान कैसे विकसित करते हैं। सही नवाचार के साथ हम मौजूदा भूमि पर अधिक खाद्य उत्पादन कर सकते हैं और पर्यावरणीय प्रभाव को कम कर सकते हैं। इस नवाचार यात्रा में भारत की भूमिका केंद्रीय है।”
उन्होंने सिंजेंटा इंडिया की I RISE (Inculcate Rural India Skill Enhancement) पहल के तहत ग्रामीण युवाओं से भी संवाद किया। Educate, Engage और Elevate के सिद्धांतों पर आधारित यह अनूठा ग्रामीण कौशल कार्यक्रम युवाओं को व्यावहारिक कृषि ज्ञान, तकनीकी दक्षता और कृषि क्षेत्र में उद्यमिता एवं सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखता है।
ब्रांड ने कहा,“भारत की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह जनसांख्यिकीय शक्ति असाधारण है। कृषि को ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर के क्षेत्र के रूप में उभरना चाहिए। I RISE के माध्यम से हम कौशल, गरिमा और दीर्घकालिक आजीविका में निवेश कर रहे हैं।”
इस अवसर पर ब्रांड ने I RISE कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया, क्योंकि यह पहल 2024 में लॉन्च होने के बाद एक वर्ष पूरा करने जा रही है। यह प्रकाशन कार्यक्रम के पाठ्यक्रम, पिछले वर्ष के विकास और लाभान्वित ग्रामीण युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक सात भाषाओं में अनूदित की गई है। अपने पहले वर्ष में I RISE ने 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है और आने वाले वर्षों में एक लाख ग्रामीण युवाओं तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है।
ब्रांड की यात्रा पर टिप्पणी करते हुए सिंजेंटा इंडिया के कंट्री हेड एवं प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “नारायणगांव में अलेक्ज़ांड्रा की उपस्थिति एक मजबूत संदेश देती है कि भारत सिंजेंटा के लिए केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सतत कृषि को आगे बढ़ाने में एक रणनीतिक साझेदार है। हमारा ध्यान विश्वस्तरीय नवाचार को जिम्मेदार प्रथाओं और युवा सशक्तिकरण के साथ जोड़कर किसान समृद्धि को मजबूत करने पर है।”
WeCare को विभिन्न प्रभागों में लागू किया गया है, जिसके तहत हजारों किसानों, रिटेलरों और विद्यार्थियों को सुरक्षित और जिम्मेदार फसल सुरक्षा प्रथाओं के बारे में जागरूक किया गया है। I RISE को कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR-KVKs और प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से विस्तारित किया जा रहा है, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य एक लाख से अधिक ग्रामीण युवाओंको सशक्त बनाना है।



