
महाबोधि महाविहार मुक्ति के लिए 10 मार्च को पुणे में राष्ट्रव्यापी धरना
रिपोर्ट::विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे। बिहार के गया स्थित ऐतिहासिक महाबोधि महाविहार का प्रबंधन पूरी तरह बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग को लेकर पुणे क्षेत्र के भिक्षु संघ द्वारा 10 मार्च को राष्ट्रव्यापी धरना आंदोलन किया जाएगा। यह धरना 10 मार्च 2026 को दोपहर 3:30 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर उद्यान (जिलाधिकारी कार्यालय के सामने) पुणे में आयोजित होगा। इसकी जानकारी एक पत्रकार वार्ता में दी गई।
पत्रकार वार्ता में आंदोलन के समन्वयक भंते नागघोष महाथेरो, भंते धम्मानंद, भंते पंय्यारखित, भंते संचितबोधी और भंते मिलिंद उपस्थित रहे।
भिक्षु संघ के अनुसार, गया स्थित महाबोधि महाविहार वही पवित्र स्थल है जहां तथागत भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इतिहास के अनुसार इस महाविहार का निर्माण सम्राट अशोक द्वारा कराया गया था। हजारों वर्षों से यह बौद्ध धर्म की महत्वपूर्ण धरोहर रही है, लेकिन वर्तमान में इसके प्रबंधन को लेकर विवाद बना हुआ है।
भिक्षु संघ का कहना है कि महाबोधि महाविहार का प्रबंधन पूरी तरह बौद्ध अनुयायियों के हाथों में होना चाहिए। इस मांग को लेकर देशभर में बौद्ध समाज शहर, जिला और तहसील स्तर पर संगठित होकर आंदोलन कर रहा है।
भिक्षु संघ ने सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों से इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। साथ ही पुणे क्षेत्र के सभी धम्मप्रेमी और न्यायप्रिय नागरिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया है।


