
पुणे कैंटोनमेंट के लंबित मुद्दों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री से की गई पहल
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र ,नई दिल्ली
पुणे/नई दिल्ली: पुणे कैंटोनमेंट बोर्ड से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान के लिए राज्यसभा सांसद प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व नगरसेवक दिलीप गिरमकर, भारतीय जनता पार्टी पुणे कैंटोनमेंट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनायक काटकर, उपाध्यक्ष शशि पूरम तथा सचिव विशाल ओव्हाल शामिल थे।
बैठक के दौरान कैंटोनमेंट क्षेत्र के नागरिकों की विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। विशेष रूप से एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) को न्यूनतम 2.5 तक बढ़ाने की मांग रखी गई, जिससे नागरिकों को निर्माण कार्य में बड़ी राहत मिल सके। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कैंटोनमेंट क्षेत्र के निवासियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शहरी गरीबों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कैंटोनमेंट बोर्ड के विकास के लिए जीएसटी के तहत लंबित लगभग 1000 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग भी की। बताया गया कि यह राशि प्राप्त होने पर क्षेत्र में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2019 से लंबित कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी तथा सातवें वेतन आयोग के बकाया भुगतान को शीघ्र जारी करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने बताया कि कैंटोनमेंट क्षेत्र में जमीनों के उत्तराधिकार हस्तांतरण में कई बाधाएं आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किराए की संपत्तियों को वक्फ भूमि के रूप में दर्ज किए जाने, अवैध निर्माण तथा उप-किरायेदारों की समस्याएं भी सामने आई हैं। इसके अलावा स्कूल निर्माण की अनुमति नहीं मिलना तथा सामान्य मरम्मत कार्यों के लिए भी नागरिकों को जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कैंटोनमेंट क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए केंद्र सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण


