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पंडित जितेंद्र अभिषेकी संगीत महोत्सव में दिग्गज कलाकारों ने बांधा समां, डॉ. एन. राजम के वायलिन वादन से तीसरे सत्र का समापन

पंडित जितेंद्र अभिषेकी संगीत महोत्सव में दिग्गज कलाकारों ने बांधा समां, डॉ. एन. राजम के वायलिन वादन से तीसरे सत्र का समापन

रिपोर्ट ;विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे,  (विशाल सिंह ) – शास्त्रीय गायन और वायलिन वादन की मधुर सुरलहरियों से सजे पंडित जितेंद्र अभिषेकी संगीत महोत्सव के दूसरे दिन दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को नई पहचान दिलाने वाले पंडित राम शंकर, वरिष्ठ गायक डॉ. राजा काले और पद्मविभूषण डॉ. एन. राजम की प्रस्तुतियां इस दिन का मुख्य आकर्षण रहीं।

तरंगिनी सांस्कृतिक प्रतिष्ठान और ‘आपला परिसर’ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कोथरूड स्थित यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह में आयोजित 20वें पंडित जितेंद्र अभिषेकी संगीत महोत्सव के दूसरे दिन बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों ने उपस्थिति दर्ज कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

पंडित राम शंकर ने राग शुद्ध कल्याण से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। विविध रागों से सजी उनकी गायकी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनके साथ सुयोग कुंडलकर (संवादिनी), चारुदत्त फडके (तबला), पल्लवी पिलणकर और मिलन धाक्रस (तानपुरा) ने संगत दी। इस अवसर पर पंडित राम शंकर ने कहा कि पंडित जितेंद्र अभिषेकी जैसे महान कलाकार के महोत्सव में प्रस्तुति देना उनके लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में शाम टेकाले, स्वाती टेकाले और दादा तरंगे द्वारा उनका सम्मान किया गया।

इसके बाद पंडित जितेंद्र अभिषेकी के वरिष्ठ शिष्य डॉ. राजा काले ने राग झिंजोटी की बंदिशों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनके साथ पंडित सुधीर नायक (हार्मोनियम) और प्रशांत पांडव (तबला) ने संगत की। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए ‘तानसेन पुरस्कार’ के लिए राजीव पाटील और कल्याणी पाटील के हाथों उनका सम्मान किया गया।

महोत्सव के तीसरे सत्र का समापन पद्मविभूषण डॉ. एन. राजम के वायलिन वादन से हुआ, जिसका श्रोताओं को बेसब्री से इंतजार था। मंच पर आते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने राग देश से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत कर अद्भुत वादन से उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ रागिनी शंकर (वायलिन) और पंडित अरविंद कुमार आजाद (तबला) ने संगत दी।

इस अवसर पर हाल ही में घोषित पद्मविभूषण सम्मान के लिए पंडित शौनक अभिषेकी और उज्ज्वल केसकर द्वारा डॉ. एन. राजम का अभिनंदन किया गया। उन्होंने कहा कि पुणे शहर से उनका विशेष जुड़ाव रहा है और यहां प्रस्तुति देना उनके लिए हमेशा सुखद अनुभव होता है।

कार्यक्रम में विद्याताई अभिषेकी की स्मृति में दिए जाने वाले ‘विद्याताई अभिषेकी स्मृति पुरस्कार’ से इस वर्ष सवाई गंधर्व की नातसून शीला देशपांडे को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार डॉ. एन. राजम के हाथों प्रदान किया गया।

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