
छह शहरों में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर शिविर, 3,300 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । नारायण सेवा संस्थान ने बेंगलुरु, दिल्ली, पुणे, कोयंबटूर, मुंबई और हैदराबाद में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर फिटमेंट शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से करीब 3,300 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, कैलिपर और पुनर्वास संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविरों के दौरान 1,570 से अधिक कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए और वितरित किए गए। इसके अलावा लगभग 700 लाभार्थियों का माप लेकर उनके लिए नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें।
सहायक उपकरणों के वितरण में हैदराबाद सबसे आगे रहा, जहां 745 लाभार्थियों को 815 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए गए। इसके बाद बेंगलुरु में 558 लाभार्थियों को 602 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं दिल्ली में 140 लाभार्थियों को 162 कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए गए, जबकि मुंबई में 104 लाभार्थियों को 154 कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए।
संस्थान के अनुसार, अब तक देशभर में 40,403 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग, 4.01 लाख से अधिक कैलिपर तथा 4,54,585 से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।
इस अभियान के संबंध में संस्थान के प्रेजिडेंट प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक दिव्यांगजन पुनर्वास सेवाओं तक पहुंच सकें। ऐसे शिविरों के माध्यम से कृत्रिम अंग, परामर्श और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे लाभार्थियों को सुविधा मिलती है।”
संस्थान की डायरेक्टर पलक अग्रवाल ने कहा, “पुनर्वास केवल कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसके साथ प्रशिक्षण, फिजियोथेरेपी, तकनीकी मार्गदर्शन और सामुदायिक सहयोग भी जरूरी है, ताकि दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन में इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकें। हम इस अभियान में सहयोग देने वाले सभी सीएसआर भागीदारों का आभार व्यक्त करते हैं।”
शिविरों में जापान और जर्मनी की तकनीक पर आधारित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंगों का उपयोग किया गया। लाभार्थियों को कृत्रिम अंग लगाने के साथ फिजियोथेरेपी, चलने का प्रशिक्षण, परामर्श, सहायक उपकरणों के उपयोग की जानकारी तथा आवश्यक फॉलो-अप सहायता भी उपलब्ध कराई गई।


