पूणेमहाराष्ट्र

पायाभूत विकास और निर्माण क्षेत्र में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका

पायाभूत विकास और निर्माण क्षेत्र में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका

आर्किटेक्ट विलास अवचट का प्रतिपादन; ‘AESA वार्षिक पुरस्कार’ समारोह संपन्न

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे: पायाभूत सुविधाओं और निर्माण क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच आर्किटेक्ट्स का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश को नया स्वरूप देने में इंजीनियर और आर्किटेक्ट दोनों की भूमिका निर्णायक है। बदलते दौर में तकनीक की मदद से जटिल और प्रतिस्पर्धी परियोजनाओं को पूरा करना अब अधिक सहज हो गया है। यह विचार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स के अध्यक्ष आर्किटेक्ट विलास अवचट ने व्यक्त किए। उन्होंने आर्किटेक्ट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खुद को और अधिक सक्षम बनाने का आह्वान भी किया।

आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स एंड सर्वेयर्स एसोसिएशन (AESA) द्वारा आयोजित ‘AESA वार्षिक पुरस्कार’ वितरण समारोह में वे मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। यह पुरस्कार समारोह का 31वां वर्ष था। पुणे रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल शेरेटोन ग्रैंड में आयोजित कार्यक्रम में AESA के अध्यक्ष आर्किटेक्ट राजीव राजे, चेयरमैन आर्किटेक्ट महेश बांगड, संयोजक इंजीनियर पराग लकडे, बी. जी. शिर्के उद्योग समूह के वाइस चेयरमैन आर. बी. सूर्यवंशी, निदेशक वाय. पी. काजळे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी. पी. कुलकर्णी तथा आर्किटेक्ट विश्वास कुलकर्णी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर BNCA और AESA के बीच ‘पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिल्ट एनवायरनमेंट’ को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) भी हुआ, जिस पर आर्किटेक्ट राजीव राजे और डॉ. अनुराग कश्यप ने हस्ताक्षर किए।

आर्किटेक्ट विलास अवचट ने कहा कि AESA जैसी संस्थाएं आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स और सर्वेयर्स को एक मंच पर लाकर उनके कार्यों को प्रोत्साहित करती हैं। पिछले 55 वर्षों में संस्था ने विभिन्न पेशेवरों को जोड़ते हुए उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यदि सभी पेशेवर मिलकर काम करें तो किसी भी परियोजना में बड़े-छोटे का भेद समाप्त हो जाता है। आने वाले चार दशकों में देश में बड़े स्तर पर विकास होने वाला है और इस परिवर्तन का हिस्सा बनने का अवसर सभी के पास है।

समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आर्किटेक्ट्स को सम्मानित किया गया। आर्किटेक्ट पंकज भागवतकर को ‘रोहन यंग अचीवर्स अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। आर्किटेक्ट तुषार कोठावदे के ग्रंथालय प्रोजेक्ट, आर्किटेक्ट हेमंत शांताराम महाजन के पीवाईसी हिंदू जिमखाना विंचूरकर पवेलियन को ‘नॉन रेसिडेंशियल पब्लिक एंड कल्चरल बिल्डिंग’ श्रेणी में सम्मान मिला।

इसके अलावा आर्किटेक्ट सौरभ मालपाणी के ‘ए विला इन पुणे’ प्रोजेक्ट, आर्किटेक्ट पूजा चाफळकर के जोशेट फार्मस्टे तथा आर्किटेक्ट अभिषेक आहेर के ‘ऐक्यम’ प्रोजेक्ट को ‘सिंगल रेसिडेंशियल फैमिली होम’ श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। आर्किटेक्ट हेमंत महाजन, आर्किटेक्ट धैर्यशील पोवार और माहेश्वरी डेवलपर्स को ‘रेसिडेंशियल स्टैंड अलोन मल्टीटेनमेंट बिल्डिंग’ पुरस्कार मिला।

आर्किटेक्ट विकास अचलकर के मॉन्ट क्लेयर प्रोजेक्ट को ‘नॉन रेसिडेंशियल कमर्शियल’, जबकि आर्किटेक्ट शिरीष केंभावी के नेशनल फिल्म आर्काइव्स प्रोजेक्ट को ‘नॉन रेसिडेंशियल इंस्टीट्यूशनल’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। वहीं आर्किटेक्ट यूनाइटेड द्वारा केएसबी लिमिटेड के प्रशासनिक कार्यालय प्रोजेक्ट को ‘इंडस्ट्रियल बिल्डिंग एंड कैंपसेस’ श्रेणी में पुरस्कार मिला।

कार्यक्रम में बी. पी. कुलकर्णी और आर्किटेक्ट राजीव राजे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आर्किटेक्ट महेश बांगड ने स्वागत भाषण दिया, आर्किटेक्ट आलोका काळे ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि इंजीनियर पराग लकडे ने आभार व्यक्त किया।

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