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कन्नड़ संघ के डॉ. कलमाड़ी शामराव हाईस्कूल में ‘सुरेश कलमाड़ी स्पोर्ट्स सेंटर’ का उद्घाटन

क्रीड़ा क्षेत्र में योगदान के लिए सुरेश कलमाड़ी का सम्मान

कन्नड़ संघ के डॉ. कलमाड़ी शामराव हाईस्कूल में ‘सुरेश कलमाड़ी स्पोर्ट्स सेंटर’ का उद्घाटन

क्रीड़ा क्षेत्र में योगदान के लिए सुरेश कलमाड़ी का सम्मान

पुणे,  : कावेरी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के गणेशनगर स्थित डॉ. कलमाड़ी शामराव हाईस्कूल में नव विकसित खेल मैदान और ‘सुरेश कलमाड़ी स्पोर्ट्स सेंटर’ का उद्घाटन हाल ही में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुरेश कलमाड़ी की पत्नी मीरा कलमाड़ी, कन्नड़ संघ के अध्यक्ष कुशल हेगड़े, सचिव मालती कलमाड़ी, उपाध्यक्ष इंदिरा सालियन, डॉ. नारायण हेगड़े, अद्विक फाउंडेशन के आदित्य भारतीय और पायल कलमाड़ी-भारतीय सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

पुणे में रोजगार की तलाश में बसे कन्नड़ परिवारों के बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सुरेश कलमाड़ी के पिता डॉ. शामराव कलमाड़ी ने कन्नड़ संघ की स्थापना की थी। वहीं, पुणे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रीड़ा क्षेत्र में पहचान दिलाने में सुरेश कलमाड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें पुणे इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत, महालुंगे बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति क्रीड़ा नगरी का विकास और वर्ष 2008 में पुणे को कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स की मेजबानी दिलाना शामिल है।

इसी योगदान के सम्मान स्वरूप कन्नड़ संघ के गणेशनगर स्थित विद्यालय में ‘सुरेश कलमाड़ी स्पोर्ट्स सेंटर’ की स्थापना की गई है, जिसके अंतर्गत दो अत्याधुनिक बास्केटबॉल कोर्ट बनाए गए हैं। इस खेल परिसर के विकास के लिए अद्विक फाउंडेशन द्वारा 65 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

इस अवसर पर मीरा कलमाड़ी ने कहा कि सुरेश कलमाड़ी को खेलों से विशेष लगाव था और उन्होंने पुणे में पहली बार मैराथन की शुरुआत की थी, जिसमें प्रारंभ में 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जो समय के साथ बढ़कर तीन लाख तक पहुंच गया। उन्होंने बच्चों से खेलों में सक्रिय भागीदारी कर देश का नाम रोशन करने का आह्वान भी किया।

मालती कलमाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे मानसिक रूप से भी सशक्त बन सकें। उन्होंने बताया कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसे भविष्य में अन्य स्कूलों में भी विस्तारित किया जाएगा। साथ ही, तीसरी कक्षा से ही बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानने के लिए एक विशेष मॉड्यूल विकसित किया गया है, जिसमें प्राचार्या डॉ. मुक्ता करमरकर और क्रीड़ा प्राध्यापक डॉ. रोहित तांबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

अद्विक फाउंडेशन के आदित्य भारतीय ने कहा कि भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में सुरेश कलमाड़ी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। वहीं, डॉ. नारायण हेगड़े ने इस स्पोर्ट्स सेंटर में सकारात्मक ऊर्जा होने की बात कही।

क्रीड़ा प्राध्यापक डॉ. रोहित तांबे ने बताया कि यहां बच्चों की शारीरिक क्षमता का परीक्षण कर उन्हें खेलों के लिए चयनित किया जाता है, जिससे उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिलती है। कार्यक्रम का संचालन पूजा आंबोले ने किया, जबकि सुमती श्रीनिवासन ने आभार व्यक्त किया।

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