
ॲड. सदावर्ते, डॉ. केळकर को ‘विश्वबंधुता दर्पण पुरस्कार’ घोषित
प्रकाश रोकडे की जानकारी; 12 अप्रैल को पुणे में होगा वितरण
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: विश्वबंधुता साहित्य परिषद की ओर से दिया जाने वाला ‘विश्वबंधुता दर्पण पुरस्कार’ इस वर्ष वरिष्ठ साहित्यकार एडवोकेट प्रार्थना सदावर्ते और प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य केळकर को घोषित किया गया है। वहीं, संस्थागत पुरस्कार के लिए रयत शिक्षण संस्था के पिंपरी स्थित महात्मा फुले महाविद्यालय का चयन किया गया है। पुरस्कार में राष्ट्रग्रंथ संविधान, तिरंगा महावस्त्र, सम्मानचिह्न और प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। यह जानकारी सम्मेलनाध्यक्ष बंधुताचार्य प्रकाश रोकडे ने दी। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल 2026 को नई पेठ स्थित एस. एम. जोशी सभागार में आयोजित 28वें विश्वबंधुता साहित्य सम्मेलन में पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
विश्वबंधुता साहित्य परिषद, भारतीय जैन संगठन के वाघोली स्थित महाविद्यालय और काषाय प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 10 बजे पूर्वाध्यक्ष प्रो. सुभाष वारे के हाथों होगा। इस अवसर पर कार्याध्यक्ष प्राचार्य डॉ. मनीषा बोरा, स्वागताध्यक्ष प्रो. शरयू पवार, निमंत्रक मंदाकिनी रोकडे, डॉ. अरुण आंधळे, प्रो. चंद्रकांत वानखेडे और प्रो. शंकर आथरे उपस्थित रहेंगे।
दोपहर के सत्र में वरिष्ठ कवि विनोद सावंत की अध्यक्षता में ‘वंदे संविधान’ काव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगीता झिंजुरके, डॉ. अशोककुमार पगारिया सहित महाराष्ट्र के करीब 30 नामचीन कवि भाग लेंगे। सम्मेलन का समापन पुरस्कार वितरण के साथ होगा। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दूरदर्शी, पारदर्शी, सर्वस्पर्शी, बंधुतावादी और मानवतावादी व्यक्तित्वों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
सम्मेलन की सफलता के लिए प्रो. भारती जाधव, सीमा गांधी, विद्या अटक, प्रो. सायकी गोसावी, तुकाराम कांबळे, सुनील बोरसे, डॉ. बंडोपेत कांबळे, डॉ. सविता पाटील और प्रो. प्रशांत रोकडे ने विशेष प्रयास किए हैं, ऐसा भी उन्होंने बताया।



