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भटक्या-विमुक्त समाज को मिले सामाजिक-आर्थिक स्थायित्व: उद्धव काळे

भटक्या-विमुक्त समाज को मिले सामाजिक-आर्थिक स्थायित्व: उद्धव काळे

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

 

पुणे, गोंधळी एवं भटक्या-विमुक्त जाति-जमाती के समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थायित्व प्रदान करना आवश्यक है। इसी से उनकी समस्याओं का समाधान होगा और आने वाली पीढ़ियां सशक्त बनेंगी। यह विचार भटके विमुक्त विकास परिषद एवं प्रतिष्ठान के अध्यक्ष उद्धव काळे ने व्यक्त किए।

वे गोंधळी व भटक्या विमुक्त जाती-जमाती विकास संघ तथा अखिल भारतीय गोंधळी समाज संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्नेह सम्मेलन एवं वधू-वर परिचय सम्मेलन में बोल रहे थे।

इस अवसर पर गोंधळी समाज से पहले महापौर बनने पर इचलकरंजी के महापौर उदय धातुंडे का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में करीब 1500 समाजबांधवों ने भाग लिया, जबकि वधू-वर परिचय सम्मेलन में 350 युवक-युवतियों ने सहभागिता दर्ज की।

म्हात्रे पुल के समीप शुभारंभ लॉन्स में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप खर्डेकर, नगरसेवक सुरज लोखंडे, दीपक नागपुरे, तहसीलदार संजय भोसले, संघ के अध्यक्ष परेश गरुड, अखिल भारतीय गोंधळी समाज के अध्यक्ष राजेंद्र वनारसे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गोंधळ एवं संबळ वादन से हुई।

उद्धव काळे ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जानकारी के अभाव और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण कई लोग वंचित रह जाते हैं, इसलिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उदय धातुंडे ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शासन, सामाजिक संस्थाएं और समाज के लोगों को मिलकर कार्य करना होगा। ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और आपसी संबंध मजबूत करने में सहायक होते हैं।

संदीप खर्डेकर ने कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान आज भी जीवंत है और गोंधळी तथा भटक्या-विमुक्त समाज इस परंपरा के महत्वपूर्ण वाहक हैं।

कार्यक्रम में परेश गरुड ने प्रास्ताविक प्रस्तुत करते हुए समाजहित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा शीघ्र ही समाज भवन निर्माण की योजना की घोषणा की। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

गोपीनाथ मुंडे के कार्यों का स्मरण

इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री Gopinath Munde के योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने गोंधळी एवं भटक्या-विमुक्त समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से कई निर्णय लिए।

समाज की लंबित मांगों—शिक्षा, रोजगार, आवास, आरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण—पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई। इस संबंध में सांस्कृतिक मंत्री Ashish Shelar से जल्द बैठक कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया।

साथ ही समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए मोतियाबिंद एवं काचबिंदु ऑपरेशन निःशुल्क कराने की घोषणा भी

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