
डॉएच्च बैंक और अक्षय पात्रा फाउंडेशन ने मिलकर पुणे में शुरू की रसोई, स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने की पहल
नई शुरू की गई यह रसोई पीएम रोशन स्कीम का हिस्सा है। इसके जरिए पुणे के 29 स्कूलों में पढ़ने वाले 25,000 बच्चों को पौष्टिक मिड-डे मील दिया जाएगा।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे, : बच्चों के पोषण और शिक्षा को मजबूत करने के लिए, डॉएच्च बैंक ने भारत में अपने सीएसआर (CSR) प्रोग्राम के तहत, अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ मिलकर आज शिवाजीनगर, पुणे में एक आधुनिक सेंट्रलाइज्ड किचन यानी रसोई का उद्घाटन किया।
इस रसोई का उद्घाटन कौशिक शपारिया, सीईओ, डॉएच्च बैंक ग्रुप, इंडिया एंड इमर्जिंग एशिया और बेंजामिन अल्का, ग्लोबल हेड, कॉर्पोरेट अफेयर्स एंड स्ट्रेटेजी, डॉएच्च बैंक ने मिलकर किया। अक्षय पात्रा फाउंडेशन की ओर से श्रीधर वेंकट (सीईओ), भरतर्षभ दास, नेशनल प्रेसिडेंट और संपती दास, रीजनल प्रेसिडेंट – पुणे मौजूद थे।
यह रसोई इस तरह से बनाई गई है कि यह पुणे के 29 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 25,000 बच्चों को गर्म, पौष्टिक और संतुलित भोजन दे सके। यह रसोई बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने, उनके पोषण स्तर को बेहतर करने और क्षेत्र में शिक्षा तक पहुंच को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
यह सुविधा पुणे के स्कूल मील सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 20,000 वर्ग फुट में फैली इस रसोई को खाने की सुरक्षा, साफ-सफाई और बेहतर कामकाज के उच्च मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। यहां से तैयार भोजन को 20 किलोमीटर के दायरे में इलेक्ट्रिक डिलीवरी वाहनों के जरिए पहुंचाया जाएगा, जो सामाजिक प्रभाव के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति भी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस मौके पर कौशिक शपारिया, सीईओ, डॉएच्च बैंक ग्रुप, इंडिया एंड इमर्जिंग एशिया ने कहा कि , “डॉएच्च बैंक में हम हमेशा मानते हैं कि सबसे लंबे समय तक असर डालने वाला निवेश लोगों में किया गया निवेश होता है। पुणे में इस रसोई का उद्घाटन अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ हमारी मजबूत साझेदारी और इस विश्वास को दिखाता है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई भूख की वजह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि, “आज भारत का भविष्य उसकी कक्षाओं में तैयार हो रहा है, और यह रसोई इस बात के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि पुणे के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सही पोषण और शिक्षा मिल सके, जिसके वे हकदार हैं। हमें यह भी बेहद खुशी है कि अक्षय पात्रा के साथ हमारी साझेदारी के तहत अब तक 10 करोड़ से ज्यादा भोजन परोसे जा चुके हैं।”
श्रीधर वेंकट, सीईओ, अक्षय पात्रा फाउंडेशन ने कहा कि, “हम जो भी रसोई बनाते हैं, वह एक प्रतिबद्धता होती है— बच्चों के लिए, कक्षा के लिए और देश के लिए। पुणे की यह सुविधा पीएम रोशन स्कीम के तहत मजबूत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है। हम डॉएच्च बैंक के निरंतर सहयोग और भारत सरकार व महाराष्ट्र सरकार के भरोसे और सहयोग के लिए बेहद आभारी हैं।”
पुणे में इस रसोई की शुरुआत, अक्षय पात्रा फाउंडेशन के भारत भर में बड़े स्तर पर प्रभावी पोषण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह एक ऐसे देश के निर्माण की साझा सोच को मजबूत करता है, जहां सभी बच्चे स्वस्थ और शिक्षित हों, और लगातार किए जा रहे निवेश के जरिए विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।
डॉएच्च बैंक और अक्षय पात्रा फाउंडेशन की साझेदारी साल 2014 से चल रही है। यह इस भरोसे पर आधारित है कि भूख की वजह से किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। पिछले 10 साल में, बैंक ने गांधीनगर, जयपुर, बेंगलुरू और पुणे में लगभग 5,00,000 बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने में सहयोग किया है। इसके अलावा, आपदा के समय भी राहत सहायता प्रदान की है।
इस साझेदारी के लिए एक अहम उपलब्धि जनवरी 2026 में हासिल हुई, जब डॉएच्च बैंक ने 10 करोड़ भोजन परोसने का आंकड़ा पार किया। इस खास उपलब्धि को जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मनाया गया।


