
53वीं राज्यस्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025-26 का पुणे में शुभारंभ
नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्थान:पुणे, मुंबई, महाराष्ट्र
53वीं राज्यस्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025-26 का आज पुणे में शुभारंभ हुआ। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 8 से 10 अप्रैल 2026 तक पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गणेशखिंड में आयोजित की जा रही है।
इस प्रदर्शनी में देशभर के 25 केंद्रीय विद्यालयों से आए 571 उभरते छात्र वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं, जिन्हें अपने वैज्ञानिक कौशल और सृजनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करना है।
इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम “विकसित और आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है, जिसके अंतर्गत देश को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न नवाचारी मॉडल और प्रयोग प्रस्तुत किए गए हैं।
प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित मॉडल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट, अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, तथा कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित प्रयोग शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं एआरडीई के सहयोगी निदेशक आर. पी. पांडे ने प्रतिभागी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में सफलता के लिए जिज्ञासा, सतत परिश्रम और निरंतर प्रयोगशीलता अत्यंत आवश्यक है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन के दिल्ली मुख्यालय के सह आयुक्त (शिक्षा) सौमित श्रीवास्तव ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अक्षय ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
केवीएस मुंबई क्षेत्र के उपायुक्त बी. के. बेहरा, सह आयुक्त सुमित मेहरा तथा मेजबान विद्यालय के प्राचार्य अविजित पांडा सहित विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं परीक्षक इस अवसर पर उपस्थित रहे।

स्वागत भाषण में बी. के. बेहरा ने विद्यार्थियों को परिवर्तनकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया और वैज्ञानिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। वहीं सुमित मेहरा ने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने, प्रयोगशील बने रहने और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत करने की सलाह दी।
प्राचार्य अविजित पांडा ने विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में STEM शिक्षा के महत्व पर बल दिया।
उद्घाटन समारोह के दौरान पुणे के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों को न केवल एक प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें नई खोज, नवाचार और भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित भी करती है।

