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इक्वाइन कलेक्टिव का आयोजन ,देश के इक्वाइन समुदाय को एक साथ लाएंगे

११ और १२ अप्रैल को पुणे में राष्ट्रीय सम्मेलन

इक्वाइन कलेक्टिव का आयोजन ,देश के इक्वाइन समुदाय को एक साथ लाएंगे

११ और १२ अप्रैल को पुणे में राष्ट्रीय सम्मेलन

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र 

पुणे:  भारत की इक्वाइन इंडस्ट्री अभी बिखरी हुई है और काफी हद तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है, इसलिए द इक्वेस्ट्रियन फोरम का मकसद एक मजबूत इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क बनाने, स्टैंडर्ड्स में सुधार करने और आर्थिक और खेल क्षमताओं को बढ़ावा देने पर बातचीत शुरू करना है.

यह जानकारी द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव की संस्थापक और समन्वयक गायत्री राहुल कराड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.

उन्होंने यह भी कहा कि फोरम इक्वाइन सेक्टर के खास पहलुओं जैसे इंडस्ट्री का फॉर्मलाइजेशन, गवर्नेंस, बिजनेस सस्टेनेबिलिटी, हाइब्रिडाइजेशन प्रैक्टिस, वेटरनरी साइंस, न्यूट्रिशन और टेक्नोलॉजी अपनाने पर फोकस करेगा.

एमआइटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाली सहयोगी पहल द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव द्वारा देश में अश्व उद्योग का भविष्य बनाने के लिए  पहला राष्ट्रीय द इक्वेस्ट्रियन फोरम सम्मेलन का आयोजन ११ और १२ अप्रैल को पुणे में होटल हयात में होने जा रहा है. जिसका उद्घाटन ११ अप्रैल को सुबह ९ बजे राज्य के विपणन और शिष्टचार मंत्री जयकुमार रावल और पशुपालन और डेयरी मंत्री पंकजा मुंडे करेंगे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. एफ. एफ.वाडिया, जपलुप्पे इक्वेस्ट्रियन पुणे के सह संस्थापक रोहन मोरे, एमआईटी डब्ल्यूपीयूके सीआईएपी के सह निदेशक प्रो. रविशंकर साहू और क्रीडा विभाग के संचालक डॉ. वैभव वाघ उपस्थित थे.

इक्वेस्ट्रियन फोरम का आयोजन पूनावाला स्टड फार्म्स, नैनोली स्टड फार्म्स और नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ.एफ. वाडिया के साथ मिलकर कर रहे है.

आयोजित सम्मेलन में डॉ. हसन मिर्जा, यशन खंबाटा, गौरव रामपाल, रोहन मोेरे, डायन अल शायर, डॉ. रवि रेड्डी, बर्नार्ड डुवर्ने, जुट्टा पुटज और उत्पल एस टाटू शामिल  होंगे. साथ ही साइरस जे डॉ. रवि रेड्डी जैसे विशेषज्ञ के अलग अलग सेशन होंगे. इनमें भारतीय इक्वाइन की स्थित पर एक पॉलिसी पर्सपेक्टिव शामिल होगा और हिसार के नेशनल इक्वाइन रिसर्च सेंटर के डॉ. नितिन विरमानी बीमारी केंट्रोल और मोबिलिटी पर बात करेंगे.

इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. पीटर हंटिंगटन युवा घोड़ों और परफॉर्मेंस घोड़ों के लिए फीडिंग स्ट्रेटेजी पर बात करने के लिए हिस्सा लेंगे. ऑस्ट्रेलिया से मार्क बर्नेल वैल्यू ग्रेडिंग पर बात करेंगे.  ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसाइटी के प्रेसिडेंट, के. आर. गजेंद्र पाल सिंहजी , ‘देशी घोड़ों का दोबारा इस्तेमाल’ टॉपिक पर रोशनी डालेंगे. टेक्नोलॉजी अपनाने के कॉन्सेप्ट के तहत, पुणे के जपालूप इक्वेस्ट्रियन सेंटर के मिस्टर रोहन मोरे, पुणे के द बार्न हाउस के मिस्टर रंजीत खेर अपनी राय रखेंगे.

12 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे, दिन की शुरुआत एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, कोथरुड कैंपस में घोड़ों के लाइव डेमोंस्ट्रेशन (एप्लाइड लर्निंग/प्रेजेंटेशन) से होगी. साथ ही यहां पर क्रॉस ब्रीडिंग, कॉन्फ्लिक्ट, वेलफेयर स्टैंडर्ड्स और एथिक्स, हॉर्स पॉलिसी, घोड़ों का इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, और वेटरनरी और इंडस्ट्रियल नज़रिए  पर एक्सपर्ट्स चर्चा करेंगे.

यह कॉन्फ्रेंस रविवार, 12 अप्रैल को दोपहर 2 बजे खत्म होगी.

 

 

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