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पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे की मौजूदगी में ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ कार्यशाला संपन्न

पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे की मौजूदगी में ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ कार्यशाला संपन्न

रिपोर्ट : विशाल समाचार:

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को रोजगारोन्मुख बनाकर उन्हें महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण पशुपालकों के आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बनेगी। यह बात राज्य की पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे ने कही।

वे पशुसंवर्धन आयुक्तालय के कामधेनु सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ के प्रस्तुतीकरण एवं क्रियान्वयन कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रही थीं।

मंत्री मुंडे ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को पशुपालन को पारंपरिक व्यवसाय के बजाय एक आधुनिक उद्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध व्यवसाय, कुक्कुट पालन तथा बकरी-भेड़ पालन के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि पशुपालन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाया जाएगा तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता से करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने दें।

मंत्री मुंडे ने आगे कहा कि पशुसंवर्धन क्षेत्र में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की अवधारणा पर कार्य किया जाए तथा ग्रामीण युवाओं को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जाए।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव डॉ. रामास्वामी एन. ने कहा कि महाराष्ट्र पशुसंवर्धन क्षेत्र को कृषि का दर्जा देने वाला देश का पहला राज्य है और राज्य सरकार के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ में कृषि और पशुसंवर्धन को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने बताया कि बजट में पशुसंवर्धन विभाग के लिए 4,552 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटील ने कहा कि विभाग की पुनर्रचना कर नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर पशुवैद्यकीय अधिकारियों के लिए खरीदे गए वाहनों का लोकार्पण किया गया, ‘महा पशुधन वार्ता’ पत्रिका का विमोचन हुआ तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

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