
हॉर्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा,राज्य सरकार ऑर्गनाइज़ेशन के साथ करार करेगी
पशु संवर्धन और डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने घोषणा की
इक्वाइन कलेक्टिव द इक्वेस्ट्रियन नेशनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: राज्य सरकार हॉर्स सेक्टर के इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन के साथ सहयोग करने और यूनिवर्सिटी से जुड़ने के लिए तैयार रहेगी. इसके लिए,
ऑर्गनाइज़ेशन के साथ करार करने की घोषणा महाराष्ट्र सरकार की पशु संवर्धन और डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने.
वह एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के तहत एक ऑर्गनाइज़ेशन, द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव द्वारा आयोजित द इक्वेस्ट्रियन फोरम 2026 के
नेशनल-लेवल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर बतौर चीफ गेस्ट के तौर पर बोल रही थीं.
इस अवसर पर राज्य के विपणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल इस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर मौजूद थे. साथ ही द इक्विन कलेक्टिव की संस्थापक गायत्री कराड, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड, कार्यकारी निदेशक डॉ. अदिति राहुल कराड,नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ. एफ. वाडिया और जयपाल सिंह रावल उपस्थित थे.
पंकजा मुंडे ने कहा, इस क्षेत्र में न केवल खेल बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण और रोजगार सृजन की भी अपार संभावनाएं हैं. नए विचार हमेशा चुनौतीपूर्ण और शक्तिशाली होते हैं.अश्वारोही क्षेत्र के लिए सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने की यह अवधारणा बहुत ही उपयुक्त और आवश्यक है.
गायत्री कराड ने कहा, देश में अश्वारोही क्षेत्र तीन सौ अरब डॉलर के वैश्विक अश्वारोही पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है. हालांकि, यह अभी भी असंगठित अवस्था में है. इस क्षेत्र में काम करने वाले जनशक्ति के लिए औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन का अभाव है. द इक्वेस्ट्रियन फोरम के माध्यम से हम एक ऐसा मंच तैयार करेंगे जो कौशल, विकास कार्य प्रमाणन और दीर्घकालिक करियर के अवसर प्रदान करेगा. हम इस क्षेत्र में काम करने वाले हजारों लोगों के लिए स्थायी अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

जयकुमार रावल ने कहा, “इंसानों और घोड़ों के बीच का रिश्ता भरोसे, अनुशासन और इमोशनल जुड़ाव पर आधारित होता है. भारत में घुड़सवारी सेक्टर की एक समृद्ध विरासत है; इस सेक्टर को मॉडर्न बनाते समय, इस विरासत को बचाकर रखना और बढ़ावा देना बहुत ज़रूरी है. हॉर्स ब्रीडिंग, इक्वाइन टूरिज्म, वेटरनरी सर्विस और ट्रेनिंग जैसे एरिया में डेवलपमेंट की बहुत ज़्यादा संभावना है.”
डॉ. राहुल वी. कराड ने कहा, “‘द इक्वेस्ट्रियन फोरम’ जैसे फोरम के ज़रिए, MIT WPU का मकसद एजुकेशन, एनिमल वेलफेयर, स्पोर्ट्स साइंस और इनोवेशन को जोड़कर भारत के ‘इक्वेस्ट्रियन इकोसिस्टम’ को मज़बूत करना है. सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एकेडेमिया, सरकार और इंडस्ट्री के बीच सहयोग जरूरी है.”

उद्घाटन सेशन के बाद, ‘पॉलिसी और गवर्नेंस’ पर एक पैनल डिस्कशन ऑर्गनाइज़ किया गया. मुख्य फोकस इक्वाइन इंडस्ट्री की ‘रीब्रांडिंग’ और एम्पावरमेंट पर था. पंकजा मुंडे, जयकुमार रावल, नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. फारूक वाडिया और चंडीगढ़ के इक्वाइन सर्जन डॉ. अनहद सिद्धू ने सीनियर जर्नलिस्ट साइरस मदान के मॉडरेट किए गए सेमिनार में हिस्सा लिया.
प्रोग्राम को डॉ. रविकुमार साहू ने मॉडरेट किया.



