पूणेमहाराष्ट्ररियल स्टेट

परांजपे स्कीम्स के ‘अथश्री’ को 25 वर्ष पूरे, वरिष्ठ नागरिक आवास क्षेत्र में 6000 निवासियों का आंकड़ा पार

सम्मान, स्वावलंबन और सामुदायिक जीवन पर आधारित मॉडल ने बनाया विशेष स्थान

परांजपे स्कीम्स के ‘अथश्री’ को 25 वर्ष पूरे, वरिष्ठ नागरिक आवास क्षेत्र में 6000 निवासियों का आंकड़ा पार

सम्मान, स्वावलंबन और सामुदायिक जीवन पर आधारित मॉडल ने बनाया विशेष स्थान

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे, महाराष्ट्र 

 

पुणे में नए आवासीय प्रकल्पों के विकास में अग्रणी परांजपे स्कीम्स (कन्स्ट्रक्शन) प्रा. लि. के ‘अथश्री’ वरिष्ठ नागरिक आवास उपक्रम ने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। भारत में संगठित वरिष्ठ नागरिक आवास क्षेत्र के विकास में ‘अथश्री’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूरदर्शी सोच के साथ शुरू किया गया यह उपक्रम आज सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक जीवन मूल्यों पर आधारित एक सशक्त व्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर वडोदरा में ‘अथश्री’ के 6000वें निवासी को आवास का स्वामित्व सौंपा गया। इस कार्यक्रम में निवासी, प्रबंधन तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वर्तमान में ‘अथश्री’ का विस्तार देशभर में लगभग 16 वरिष्ठ नागरिक आवास परिसरों तक हो चुका है, जहां 3000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को आवास एवं सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत परांजपे स्कीम्स के अध्यक्ष श्रीकांत परांजपे के संबोधन से हुई। इसके पश्चात प्रबंध निदेशक शशांक परांजपे ने ‘अथश्री’ की यात्रा और इस क्षेत्र में बढ़ती आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान ‘अथश्री’ के निवासियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समुदाय की सक्रिय और उत्साही जीवनशैली को दर्शाया।

इस अवसर पर व्यवसाय विकास निदेशक अमित परांजपे ने स्वास्थ्य सेवाओं, वेलनेस, आपातकालीन सहायता तथा सामुदायिक सहभागिता से संबंधित नई साझेदारियों की घोषणा की। इन पहलों के अंतर्गत अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों के सहयोग से ओपीडी, आईसीयू, लघु शल्य चिकित्सा सुविधाएं, कार्डियक एंबुलेंस तथा ऑन-कॉल पैरामेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही ऐसी हेल्थ मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की जाएगी, जो गिरने की स्थिति में तुरंत अलर्ट देगी तथा स्वास्थ्य संकेतकों की रियल-टाइम निगरानी कर डॉक्टरों और परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराएगी।

वेलनेस कार्यक्रमों के तहत योग संस्थानों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सहायता से नियमित योग एवं फिटनेस गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके अलावा FUEL School, Camlin, Origami Mitra तथा कंसीयर्ज सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं के सहयोग से रचनात्मक गतिविधियां, शिक्षण और घरेलू सहायता सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम के अंत में ‘अथश्री’ समुदाय में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निवासियों को सम्मानित किया गया। इनमें परमाणु विज्ञान और सिग्नल प्रोसेसिंग के विशेषज्ञ डॉ. मोहन फडणीस, पद्मश्री से सम्मानित एवं आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक संजय गोविंद धांडे, वर्ष 1971 के युद्ध में वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित विंग कमांडर सुरेश कर्णिक, टाटा मेमोरियल सेंटर की पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रिता मुल्हेरकर तथा प्रसिद्ध अभिनेत्री वंदना गुप्ते शामिल हैं।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक शशांक परांजपे ने कहा, “वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह उपक्रम आज हजारों लोगों का विश्वास जीत चुका है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर इस उपलब्धि को प्राप्त करना हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। हमारा उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपनापन महसूस हो।”

उन्होंने आगे बताया कि नाशिक, कोल्हापुर, नागपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों में वरिष्ठ नागरिक आवास की मांग तेजी से बढ़ रही है।

अमित परांजपे ने कहा, “भारत में वरिष्ठ नागरिक आवास क्षेत्र अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। पहले जहां इसे आवश्यकता के रूप में देखा जाता था, अब यह एक सुनियोजित और जागरूक विकल्प बनता जा रहा है। कई युवा अपने माता-पिता के लिए ऐसे समुदायों में निवेश कर रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य गृहनिर्माण नीति 2025 के तहत वरिष्ठ नागरिक आवास को विशेष श्रेणी में शामिल करना और ₹1000 की नाममात्र स्टांप ड्यूटी का प्रावधान इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है।”

भारत में बदलती जनसंख्या संरचना, बढ़ती आयु सीमा और बदलती पारिवारिक व्यवस्था के चलते वरिष्ठ नागरिक आवास क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। ‘अथश्री’ जैसे उपक्रम देखभाल, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जुड़ाव के संतुलन के साथ वरिष्ठ नागरिक जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button