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‘पुणे ग्रैंड टूर’ साइकिल प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा, नियामक परिषद गठन के निर्देश

‘पुणे ग्रैंड टूर’ साइकिल प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा, नियामक परिषद गठन के निर्देश

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे। उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने आगामी ‘पुणे ग्रैंड टूर’ साइकिल प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रतियोगिता के प्रभावी संचालन, निगरानी एवं नीति निर्धारण के लिए एक नियामक परिषद (गवर्निंग काउंसिल) गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहली प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद अब अगले संस्करण को और अधिक व्यापक, उच्चस्तरीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।

 

विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित समय में आयोजित प्रथम ‘पुणे ग्रैंड टूर’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। अब वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले दूसरे संस्करण के माध्यम से इसकी गुणवत्ता, दायरा और प्रभाव को और आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के सहयोग से प्रतियोगिता का पहला संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। पुणे को केवल शैक्षणिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल आयोजनों का केंद्र बनाने की परिकल्पना पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय Ajit Pawar ने की थी। प्रतियोगिता उसी दूरदृष्टि का परिणाम है।

 

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले, विधायक शंकर मांडेकर, विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले, पुणे पुलिस आयुक्त Amitesh Kumar, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, पुणे नगर निगम आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी, पीएमआरडीए आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार, स्थानीय स्वशासी संस्थाओं, नागरिक निकायों तथा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों को शामिल कर एक गवर्निंग काउंसिल गठित की जाए। यह परिषद प्रतियोगिता की सर्वोच्च नीति निर्धारण एवं निगरानी संस्था होगी तथा प्रत्येक माह बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त आयोजन समिति का भी गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिकाएं, जिम्मेदारियां एवं अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन के लिए राज्य सरकार की ओर से धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि प्रतियोगिता के विस्तारित स्वरूप को देखते हुए विभिन्न नगर निगमों तथा अन्य संस्थाओं की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

 

विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले ने कहा कि प्रतियोगिता के मार्ग पर स्वच्छता को सामाजिक दायित्व के रूप में लिया जाना चाहिए। प्रतियोगिता से जुड़े गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजनाएं प्रायोगिक आधार पर लागू की जा सकती हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इको-टूरिज्म के अंतर्गत बांस से निर्मित उत्पादों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।

 

पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष प्रतियोगिता के दौरान पुलिस बल को आवश्यक संसाधन एवं वाहन समय पर उपलब्ध कराए गए थे। इस वर्ष प्रतियोगिता में जनभागीदारी और बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। प्रतियोगिता के अंतिम चरण का आयोजन अवकाश के दिन होने से यातायात प्रबंधन भी अधिक सुगम रहेगा।

 

बैठक के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अत्यंत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया था, जिससे पुणे क्षेत्र के किले, ऐतिहासिक धरोहरें और पर्यटन स्थल वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने में सफल रहे।

 

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के सुरक्षित एवं सफल आयोजन को देखते हुए वैश्विक संस्था Union Cycliste Internationale (यूसीआई) ने आगामी प्रतियोगिता की श्रेणी को यूसीआई 2.2 से बढ़ाकर यूसीआई 2.1 कर दिया है। इस वर्ष प्रतियोगिता के चरणों की संख्या चार से बढ़ाकर छह कर दी गई है तथा कुल दूरी 1,099 किलोमीटर निर्धारित की गई है।

 

 

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