पूणेप्रशासनमहाराष्ट्र

बाल विवाह रोकें, भविष्य संवारें…!!

बाल विवाह रोकें, भविष्य संवारें…!!

✍️ विशेष लेख

बाल विवाह एक ऐसी कुप्रथा है, जो बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करती है। यह प्रथा उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के अवसरों को छीन लेती है, जिससे उनका बचपन अधूरा रह जाता है और जीवन अनेक कठिनाइयों से घिर जाता है। समाज में प्रचलित रूढ़ियां, परंपराएं, अज्ञानता और आर्थिक कारणों के चलते आज भी कई स्थानों पर बाल विवाह देखने को मिलते हैं।

इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण रखने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम, 2006 लागू किया है। यह कानून बाल विवाह को रोकने, दोषियों को दंडित करने तथा पीड़ितों को न्याय और संरक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत में विवाह की कानूनी आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके बावजूद, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कम उम्र में विवाह कराए जाते हैं। कम उम्र में विवाह से बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है।

इस कानून के अनुसार, यदि लड़की की आयु 18 वर्ष से कम और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम है, तो ऐसा विवाह अवैध माना जाएगा। ऐसे मामलों में न केवल विवाह कराने वाले, बल्कि इसमें सहयोग करने वाले अभिभावक और अन्य व्यक्ति भी दंड के पात्र होते हैं।

कानून के तहत बाल विवाह को निरस्त करने का प्रावधान भी है। बालिग होने के बाद दो वर्ष के भीतर संबंधित पक्ष जिला न्यायालय में याचिका दायर कर विवाह रद्द करा सकता है। न्यायालय आवश्यकतानुसार भरण-पोषण, निवास और अन्य सहायता के आदेश भी दे सकता है।

बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। माता-पिता, रिश्तेदार या कोई भी व्यक्ति जो इस विवाह को बढ़ावा देता है या उसमें शामिल होता है, वह भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है।

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती रोहणी ढवळे के अनुसार, प्रशासन ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 54 बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त की है तथा 13 मामलों में अपराध दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कराना या उसमें भाग लेना कानूनन अपराध है। यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button