
महात्मा फुले और डॉ. आंबेडकर की प्रेरणा से यह वर्ष बने सामाजिक सुधारों का वर्ष: परशुराम वाडेकर
पुणे: विशाल समाचार प्रतिनिधि
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले की जन्म द्विशताब्दी तथा महामानव डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के चवदार तालाब सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस वर्ष को सामाजिक सुधारों का वर्ष बनाने की आवश्यकता है। यह विचार उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने व्यक्त किए।
वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की संयुक्त जयंती महोत्सव के समापन समारोह में बोल रहे थे।
इस दौरान वाडेकर ने कहा कि औंध-बोपोडी क्षेत्र के महापालिका खेडेकर अस्पताल में डायलिसिस, फिजियोथेरेपी और बच्चों के लिए आईसीयू जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में शेवाले अस्पताल में कैंसर और दंत रोगों के उपचार की अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि संजय गांधी अस्पताल के निजीकरण के प्रयास को विफल कर दिया गया है तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से अस्पताल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. झिब्रा इस्रायल को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जीवन गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। औंध-बोपोडी क्षेत्र के महापालिका अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे रोटरी क्लब ऑफ पुणे डाउनटाउन की असिस्टेंट गवर्नर भी हैं और उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
डॉ. इस्रायल ने इस अवसर पर कहा कि उनके कार्यों में पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर तथा वर्तमान उपमहापौर परशुराम वाडेकर का विशेष सहयोग रहा है और वे आगे भी समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी।
महोत्सव के समापन अवसर पर “लोककला दर्शन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाकरी गीत, पोतराज, शेतकरी गीत, भारुड, लावणी, शाहिरी, भीम कीर्ति पोवाड़ा तथा जागरण-गोंधल जैसी विभिन्न लोककलाओं का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।


