
महिला आरक्षण के लिए मतदाता क्षेत्र पुनर्रचना आवश्यक – डॉ. हुलगेश चलवादी
विरोधियों पर ‘मातृशक्ति’ विरोधी भूमिका का आरोप
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने कहा है कि देश में महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मतदाता क्षेत्र (परिसीमन) की पुनर्रचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले की भूमिका सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित 131वें संविधान संशोधन विधेयक का विपक्ष द्वारा विरोध किया गया, जिसके कारण यह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा मतदाता क्षेत्र पुनर्रचना प्रक्रिया का विरोध करना वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा उत्पन्न करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि संभव होगी, जिससे महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सकेगा। ऐसे में इस प्रक्रिया का विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक केवल चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह देश की महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने का एक व्यापक और दीर्घकालिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन कुछ दलों ने विरोध कर गलत संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि “सीमांकन विधेयक को पारित न होने देना परोक्ष रूप से महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम है।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुझाव देना हर दल का अधिकार है, लेकिन विकास और समावेशी नीतियों का समर्थन करना समय की आवश्यकता है।
आरपीआई (आठवले गुट) की भूमिका स्पष्ट करते हुए डॉ. चलवादी ने कहा कि पार्टी महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है, जिसकी पार्टी कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के नेतृत्व में देशभर में महिला अधिकारों के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।
