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अभ्युदय योजना से युवाओं को मिल रही नई दिशा, योग्यता ही सफलता की कुंजी : सरिता भदौरिया

अभ्युदय योजना से युवाओं को मिल रही नई दिशा, योग्यता ही सफलता की कुंजी : सरिता भदौरिया

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा, विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत “अभ्युदय संवाद एवं अभिनंदन समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक सरिता भदौरिया ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में नौकरी और अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ी बाधा योग्यता की कमी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज अवसरों की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत स्वयं को सक्षम बनाने की है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो चुकी है, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

विधायक ने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में कुछ अवसर केवल एक बार मिलते हैं, इसलिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयारी करना आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत उन्हें निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग मिल रही है। साथ ही प्राचीन विक्टोरिया हॉल में कोचिंग और लाइब्रेरी विकसित करने की जानकारी भी दी।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में चयनित अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अपने अनुभव और अध्ययन पद्धति अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करें, ताकि उन्हें प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न पदों पर भर्तियां निकलेंगी और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी भी सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सेवा भाव को जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाने पर जोर दिया।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जो आर्थिक कारणों से बड़े शहरों में कोचिंग नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं नौकरी कहां है, जबकि असली सवाल यह होना चाहिए कि योग्यता कहां है। यदि व्यक्ति में क्षमता और दृढ़ संकल्प हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।

कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों—आदित्य कुमार सिंह (आईएएस-2025), इशिता सिंह (कोषाधिकारी, यूपीपीसीएस-2024), अंकित पांडे (सहायक आयुक्त वाणिज्यकर), अनुज दीक्षित एवं पूजा यादव (नायब तहसीलदार), विकास मिश्रा और दीपेंद्र यादव (वाणिज्यकर अधिकारी)—को सम्मानित किया गया।

आईएएस-2025 चयनित आदित्य कुमार सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ तैयारी की और नियमित अध्ययन, सकारात्मक वातावरण तथा मजबूत मानसिक स्वास्थ्य को सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तैयारी में 6–7 घंटे और मुख्य परीक्षा के दौरान 14–15 घंटे तक अध्ययन किया। उन्होंने यह भी कहा कि बिना महंगी कोचिंग के घर से भी सिविल सेवा की तैयारी संभव है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सचिन यादव, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल सहित अन्य अधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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