पूणेमहाराष्ट्रराज्य

महाराष्ट्र में ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग कानून’ लागू करने की मांग

महाराष्ट्र में ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग कानून’ लागू करने की मांग

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:पुणे, महाराष्ट्र

पुणे: महाराष्ट्र में बढ़ते जमीन कब्जा (लैंड ग्रैबिंग) मामलों पर रोक लगाने के लिए ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग कानून’ को तत्काल लागू करने की मांग नागरिक सोशल फाउंडेशन (NSF), पुणे की ओर से की गई है। इस संबंध में संस्था ने राज्य सरकार को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा है। यह जानकारी संस्था की सदस्य सीए अंजली खत्री ने पत्रकार परिषद में दी।

इस अवसर पर संस्था के ट्रस्टी अमेय सप्रे, प्रीतम थोरवे और अधिवक्ता सर्वेश मेहंदळे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

अंजली खत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम और कर्नाटक जैसे राज्यों में इस प्रकार का कानून पहले से लागू है और इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इसी के आधार पर महाराष्ट्र में भी सख्त और प्रभावी कानून की आवश्यकता जताई गई है।

संस्था ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनमें जमीन कब्जा को स्पष्ट रूप से आपराधिक अपराध घोषित करना, संगठित अपराध और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाले मामलों में कड़ी सजा देना, तथा ऐसे मामलों के लिए विशेष और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करना शामिल है। इसके साथ ही मामलों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय करने और जांच प्रक्रिया की निगरानी हेतु स्वतंत्र प्राधिकरण गठित करने की भी मांग की गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 10,000 हेक्टेयर गायरान जमीन और 61,000 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। वर्तमान कानूनों में अपराधियों में भय पैदा करने की पर्याप्त क्षमता नहीं होने के कारण ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।

इसके अलावा, वर्तमान व्यवस्था में जमीन विवादों के लिए दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार के अलग-अलग मुकदमे चलाने पड़ते हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। न्यायिक प्रक्रिया में देरी के कारण कई मामले वर्षों तक लंबित रहते हैं।

संस्था का मानना है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण से सरकार और आम नागरिकों को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग कानून’ लागू होने से मामलों का त्वरित निपटारा संभव होगा और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button