प्रशासनमध्य प्रदेशरीवा

चिकित्सा शिक्षा और उपचार को बेहतर करने के लिए नियमित समीक्षा करें – एसीएस

चिकित्सा शिक्षा और उपचार को बेहतर करने के लिए नियमित समीक्षा करें – एसीएस

विभागाध्यक्ष रिसर्च वर्क को प्राथमिकता दें – एसीएस श्री वर्णवाल

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कालेज सभागार में आयोजित बैठक में मेडिकल कालेज के कार्यों की गहन समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मेडिकल कालेज के सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग के कार्यों तथा उपचार व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें। समीक्षा के बाद व्यवस्थाओं को बेहतर करने के प्रयास करें। अपने विभाग को बेहतर करने के लिए रिसर्च वर्क को प्राथमिकता दें। विद्यार्थियों से मौलिक रिसर्च कराकर रिसर्च पेपर राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मेडिकल चैनलों में प्रकाशित कराएं। रिसर्च पेपर का प्रकाशन अपेक्षा के अनुसार नहीं है। विभाग की नियमित समीक्षा से ही दक्षता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।

 

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मेडिकल कालेज में कई बार रोगी जटिल परिस्थितियों में रेफर होकर आता है। ऐसे में कई बार उनको मौत के मुंह में जाने से हम नहीं बचा पाते। प्रसूति विभाग और शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों की निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार आडिट कराएं। विभागाध्यक्ष मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से समन्वय बनाकर आडिट में उजागर हुई कमियों को दूर कराएं जिससे मौत की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके। मेडिकल कालेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए सही तथ्यों के साथ कार्ययोजना बनाएं। इसमें मशीनों, भवन, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य आवश्यक मानव संसाधनों का उल्लेख करें। वर्तमान में मेडिकल कालेज और उससे जुड़े अस्पतालों में 1550 बेड में भर्ती की सुविधा है। इनके अनुपात में नर्सों की भर्ती करें।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उपचार व्यवस्था पहले से बहुत बेहतर हो गई है। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में उत्कृष्ट कार्य हो रहा है। इसके कॉर्डियोलॉजी विभाग का कार्य बहुत अच्छा है। इस अस्पताल को होने वाली आय को उपचार सुविधाओं को बेहतर करने में खर्च करें। दानदाताओं, डीएमएफ मद तथा निजी कंपनियों के सीएसआर मद से भी राशि प्राप्त कर आवश्यक उपकरणों की खरीद करें। प्रसूति विभाग में 42794 रोगियों को भर्ती किया गया। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक का मेजर आपरेशन होना चिंताजनक है। पीडियाट्रिक विभाग में भी शिशुओं की भर्ती का डेटा सही नहीं प्रतीत होता है। सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग की जानकारी और डेटा भी ठीक से भरवाएं।

 

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मेडिकल कालेज से किसी भी रोगी को रेफर न करना पड़े, ऐसी व्यवस्था करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला अस्पताल में भी उपचार व्यवस्थाएं बेहतर करें जिससे रेफरल कम से कम हो। उपचार के साथ-साथ मेडिकल कालेज से जुड़े अस्पतालों में विभिन्न रोगों की जांचों की सुविधा भी बढ़ी है। लेकिन डॉक्टर उपचार करते समय आवश्यक जाँचें ही लिखें। अपर मुख्य सचिव ने खराब मशीनों के तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल कालेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल कालेज रीवा में वर्तमान में उपलब्ध 150 सीटों को 250 तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। डेंटल कालेज की स्थापना, कैंसर यूनिट के लिए नए पदों में भर्ती तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार का भी कार्य किया जा रहा है। मेडिकल कालेज से जुड़े अस्पतालों में मेंटीनेंस तथा सिविल वर्क के लिए बजट एवं स्टाफ की आवश्यकता है। खराब मशीनों के सुधार के लिए आवश्यक राशि की मांग की गई है। बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक संजय गांधी हास्पिटल डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, सीएमएचओ डॉ. यत्नेश त्रिपाठी तथा मेडिकल कालेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारी उपस्थि

त रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button