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राष्ट्रीय जनगणना 2027ऑनलाइन स्व-गणना के लिए अब केवल 3 दिन शेष

राष्ट्रीय जनगणना 2027ऑनलाइन स्व-गणना के लिए अब केवल 3 दिन शेष

कलेक्टर ने नागरिकों से पोर्टल पर स्व-गणना फार्म भरने की अपील की

गो सम्मान आह्वान अभियान के सदस्यों से भरवाया स्व-गणना फार्म

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: मऊगंज मध्यप्रदेश 

मऊगंज  राष्ट्रीय जनगणना -2027 के तहत पोर्टल पर “स्व-गणना” का विकल्प ऑनलाईन उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल में सभी नागरिक 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय कुमार जैन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि अब तक आपने ऑनलाइन स्व-गणना फार्म नहीं भरा है, तो शीघ्र भर देवें। जल्दी करें, स्व-गणना के लिए अब केवल 3 दिन ही शेष बचे है।

 

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में गौ सेवकों के संगठनों स्वगणना का फॉर्म कलेक्ट्रेट चेंबर में ही कलेक्टर द्वारा भरवाया गया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूक नागरिक के रूप में अपनी सहभागिता से इस पुनीत राष्ट्रीय कार्य को सम्पन्न कराने में सहयोग दें। उन्होंने कहा है कि जिले में एक मई 2026 से प्रारंभ हो रहे जनगणना-2027 के पहले चरण, में ‘मकान सूचीकरण एवं गणना’ कार्य एक राष्ट्रीय दायित्व है। जिले के प्रत्येक नागरिक से पूर्ण निष्ठा और सक्रिय सहयोग के साथ इस कार्य को सफल बनाने में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। पोर्टल में स्व-गणना की जानकारी दर्ज करने के बाद एक एसई आईडी जनरेट होगा, जिसे एक मई से 30 मई के बीच प्रगणक के घर-घर भ्रमण के दौरान साझा करना आवश्यक होगा। प्रगणक द्वारा सत्यापन के बाद ही मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। स्व-गणना पूरी तरह ऐच्छिक है। यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं करता है, तो प्रगणक तय अवधि में घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे।

 

प्रथम चरण के दौरान प्रगणक एक मई से 30 मई, 2026 के मध्य प्रत्येक घर जाकर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्रित करेंगे। ये प्रश्न मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवार की परिसंपत्तियों से संबंधित होंगे। जानकारी का संकलन मोबाइल एप के माध्यम किया जाएगा। वर्तमान शताब्दी की तीसरी जनगणना वर्ष 2027 में संपादित की जानी है, जो राष्ट्र के भावी विकास के लिए आधारभूत और विश्वसनीय जन सांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराएगी। जनगणना 2027 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस बार की जनगणना में आधुनिक डिजिटल तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। पहली बार बड़े पैमाने पर मोबाइल ऐप आधारित डेटा संकलन किया

जाएगा।

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