
चलवादी शिक्षण संस्थान में बुद्ध पूर्णिमा, महाराष्ट्र दिवस और मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
मजदूरों के हाथों ध्वजारोहण, शिक्षकों का ‘संविधान’ देकर सम्मान
शिक्षा ही परिवर्तन का सशक्त माध्यम — डॉ. हुलगेश चलवादी
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान :पुणे महाराष्ट्र
विद्यानगर स्थित चलवादी शिक्षण संस्थान के पुणे इंटरनेशनल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में महाराष्ट्र दिवस, मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा बड़े उत्साह के साथ मनाए गए। विशेष बात यह रही कि श्रम का सम्मान करते हुए विद्यालय की महिला कर्मचारी गीताताई सनदी के हाथों ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
ध्वजारोहण के पश्चात तथागत गौतम बुद्ध, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय मरिअप्पा चलवादी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर बुद्ध वंदना की गई।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी एवं उपाध्यक्ष एडवोकेट रेणुका चलवादी (शिर्के) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय की दसवीं कक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम की परंपरा को बनाए रखने वाले शिक्षकों को मान्यवरों के हाथों शॉल एवं ‘भारतीय संविधान’ की प्रति भेंट कर विशेष सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. हुलगेश चलवादी ने कहा कि “शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। मजदूरों के परिश्रम से ही देश की प्रगति संभव होती है और भगवान बुद्ध का समता व शांति का संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर संविधान के मूल्यों को अपनाना चाहिए। महाराष्ट्र संतों और वीरों की भूमि है, और नई पीढ़ी पर देश को नई दिशा देने की जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत महाराष्ट्र गीत, समूहगान एवं ‘मैं जिजाऊ बोलती हूँ’ एकल नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य स्मिता लोंढे, सायली शिंदे, ज्योति सचदेव, जयश्री कदम, अश्विनी मोहिते एवं बीना कदम ने विशेष प्रयास किए।
अंत में सभी शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।



