
सफाई कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए : भगवत प्रसाद मकवाना
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य तथा उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सफाई कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का सर्वेक्षण कर उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा इस क्षेत्र में कार्यरत अधिकृत संगठनों को साथ लेकर उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय में हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर प्रतिबंध एवं उनके पुनर्वास से संबंधित अधिनियम-2013 के प्रभावी क्रियान्वयन, सफाई कर्मचारियों की समस्याओं तथा उनके समाधान को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में वह संबोधित कर रहे थे। बैठक में निवासी उप जिलाधिकारी ज्योति कदम, सहायक आयुक्त समाज कल्याण विशाल लोंढे, जिला समाज कल्याण अधिकारी राधाकिशन देवढे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के कार्य, वेतन, सेवा शर्तों और कल्याण के लिए गठित लाड-पागे समिति ने उनके जीवन स्तर में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। इन सिफारिशों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए तथा वंशानुगत आधार पर भरे जाने वाले पदों से संबंधित प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और पदोन्नति से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। साथ ही पुणे महानगरपालिका को ‘वाल्मीकि भवन’ निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग के 22 अक्टूबर 2008 के शासन निर्णय के अनुसार लागू डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य आवास योजना के तहत उन सफाई कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराया जाए जो उक्त तिथि के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं और जिनकी सेवा अवधि 25 वर्ष या उससे अधिक रही है। इसके अलावा 22 अक्टूबर 2008 के बाद सेवा के दौरान दिवंगत हुए सफाई कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को भी आवास सुविधा प्रदान की जाए।
मकवाना ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के बारे में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को सफाई कर्मचारियों से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए।
बैठक में निवासी उप जिलाधिकारी ज्योति कदम ने कहा कि समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार जिले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी इस दौरान साझा की गई।



