
पुणे में 28 जून को होगा समरसता लोककला सम्मेलन 2026
सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे पद्मश्री रघुवीर खेडेकर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे उद्घाटन
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: लोककला, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग, सांस्कृतिक कार्य संचालनालय तथा महाराष्ट्र राज्य समरसता साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में “समरसता लोककला सम्मेलन 2026” का आयोजन 28 जून 2026 को पुणे में किया जाएगा। सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में प्रख्यात लोककलाकार पद्मश्री रघुवीर खेडेकर का चयन किया गया है। इसकी जानकारी आयोजकों ने पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर धनंजय खुडे, विलास लांडगे, विजय मोरे, सुनील खंडाळे, रेश्मा मुसळे-परीतेकर, विकास माने, बाळासाहेब मालुसकर और जितेंद्र वाईकर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हाथों होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री Murlidhar Mohol, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil, सांस्कृतिक कार्य मंत्री Ashish Shelar, राज्यमंत्री Madhuri Misal, पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे तथा जिलाधिकारी जितेंद्र दुडी सहित कई प्रमुख अतिथि उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष भाजपा पुणे शहर अध्यक्ष धीरज घाटे होंगे।
सम्मेलन के अंतर्गत सुबह 8 बजे पुणे महानगरपालिका से Bal Gandharva Rang Mandir तक लोककलाकारों की भव्य लोककला दिंडी निकाली जाएगी। इसका शुभारंभ महापौर मंजुषा नागपुरे करेंगी। इस दिंडी में गोंधळी, वासुदेव, शाहिर, भारूड, लावणी, दशावतार, आदिवासी नृत्य और झाडीपटी जैसी लोककलाओं से जुड़े लगभग 250 कलाकार भाग लेंगे।
बालगंधर्व रंगमंदिर के कला दालन में दुर्लभ लोकवाद्यों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसका उद्घाटन सुबह 9:30 बजे राज्यमंत्री माधुरी मिसाल के हाथों होगा।
उद्घाटन समारोह के बाद दोपहर 12 बजे विशेष साक्षात्कार सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें पद्मश्री रघुवीर खेडेकर और लोककलाकार Nandesh Umap से अभिनेता Sandeep Pathak संवाद करेंगे।
दोपहर 1 बजे आयोजित कवि सम्मेलन में तुकाराम ढोले, प्रो. वा. ना. आंधळे और कुमार चव्हाण अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे आयोजित विचार गोष्ठी में डॉ. प्रवीण चोले, डॉ. प्रशांत पाटील तथा अभिनेत्री Jaymala Inamdar भाग लेंगी।
सम्मेलन का समापन Dr. Avinash Avalgaonkar की अध्यक्षता में होगा। समापन सत्र के बाद विभिन्न लोककलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
आयोजकों ने बताया कि यह सम्मेलन लोककला, साहित्य और संस्कृति के विविध आयामों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे पारंपरिक लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलेगी।



