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भारत फोर्ज ने विशाखापत्तनम में भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर मरीन गैस टरबाइन फैसिलिटी स्थापित करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एमओयू साइन किया

भारत फोर्ज ने विशाखापत्तनम में भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर मरीन गैस टरबाइन फैसिलिटी स्थापित करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एमओयू साइन किया

 

भारत फोर्ज का एयरोस्पेस डिवीजन ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के अनुरूप भारत की नौसैनिक आत्मनिर्भरता को देगा मजबूती

 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:  भारत देश

 

भारत / पुट्टपर्थी: भारत फोर्ज लिमिटेड ने अपने एयरोस्पेस व्यवसाय के माध्यम से आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लगभग 80 एकड़ क्षेत्र में भारत का पहला निजी क्षेत्र मरीन गैस टर्बाइन (एमजीटी) रिपेयर, ओवरहॉल और स्वदेशी विकास कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा। इस एमओयू पर भारत फोर्ज लिमिटेड के एयरोस्पेस सीईओ श्री गुरु बिस्वाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की विशिष्ट उपस्थिति रही। यह समझौता पुट्टपर्थी में आयोजित ऐतिहासिक एयरोस्पेस एवं डिफेंस इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव के दौरान हुआ। इसी अवसर पर भारत के एएमसीए पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर कार्यक्रम की आधारशिला भी रखी गई।

 

 

 

विशाखापत्तनम स्थित यह सुविधा, जो नेवल डॉकयार्ड, आईएनएस एक्सिला तथा ईस्टर्न नेवल कमांड मुख्यालय के साथ सह-स्थित होगी, पहली बार इस महत्वपूर्ण प्रणोदन (प्रोपल्शन) रखरखाव क्षमता को भारत के निजी क्षेत्र में लाएगी। पहले चरण में पूर्ण मरीन गैस टर्बाइन रिपेयर एवं ओवरहॉल कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा, जिसमें ब्लेड, वेन और कंबशन लाइनर की हॉट सेक्शन रिस्टोरेशन, कंपोनेंट निर्माण, एनडीई प्रयोगशाला तथा नेवल डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम के लिए 72 घंटे की टर्नअराउंड क्षमता शामिल होगी।

 

 

 

दूसरे चरण में भारत का पहला निजी क्षेत्र मरीन गैस टर्बाइन डेवलपमेंट एवं असेंबली हॉल स्थापित किया जाएगा, जिसमें सभी प्रोपल्शन रेटिंग्स के लिए स्केलेबल फुल-स्पेक्ट्रम हॉट टेस्ट सेल होगा। साथ ही पहली बार भारतीय भूमि पर स्वदेशी मरीन गैस टर्बाइन का विकास एवं क्वालिफिकेशन किया जाएगा। यह सुविधा मित्र देशों की नौसेनाओं के लिए क्षेत्रीय रिपेयर एवं ओवरहॉल हब के रूप में भी कार्य करेगी और लगभग 750 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित करेगी।

 

 

 

“ये परियोजनाएं तीनों सेनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करेंगी और भारत को रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के हमारे प्रयासों को सशक्त करेंगी। आंध्र प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।”

 

— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री, भारत सरकार — पुट्टपर्थी, 15 मई 2026

 

 

 

“नया आंध्र प्रदेश नवाचार, बुनियादी ढाँचे और औद्योगिकीकरण के स्तंभों पर निर्मित हो रहा है। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की ओर अग्रसर होगा, आंध्र प्रदेश अग्रिम पंक्ति में नेतृत्व करेगा।”

 

— एन. चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश — पुट्टपर्थी, 15 मई 2026

 

 

 

“भारत के युद्धपोत लंबे समय से विदेशी इंजनों की शक्ति पर निर्भर रहे हैं। यह निर्भरता अब विशाखापत्तनम में समाप्त होगी। भारत फोर्ज का एयरोस्पेस डिवीजन पहली बार निजी क्षेत्र में, उसी नेवल कमांड के साथ सह-स्थित होकर, मरीन गैस टर्बाइन रिपेयर, ओवरहॉल और स्वदेशी विकास को भारतीय भूमि पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह केवल एक निवेश नहीं है, बल्कि भारतीय नौसेना और राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिज्ञा है।”

 

— श्री अमित कल्याणी, वाइस चेयरमैन एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक, भारत फोर्ज लिमिटेड

 

 

 

गैस टर्बाइन भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की प्रमुख प्रणोदन शक्ति हैं। हाल के वर्षों में इन इंजनों की विदेशी आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे बेड़े के रिपेयर एवं ओवरहॉल चक्र और परिचालन तत्परता पर सीधा असर पड़ा है। भारत फोर्ज द्वारा स्थापित यह सुविधा एक राष्ट्रीय रणनीतिक आवश्यकता है, जो “सशक्त भारत – सुरक्षित भारत” के संकल्प को मूर्त रूप देती है और विकसित भारत 2047 की दिशा में एक निर्णायक आधारशिला स्थापित करती है।

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